रायपुर पुलिस ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के बीएससी द्वितीय वर्ष का पेपर लीक करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तेलीबांधा पुलिस और साइबर सेल की टीम ने 36 घंटे के भीतर इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जबकि मामले में दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
रायपुर पुलिस ने 36 घंटे के भीतर किया पर्दाफाश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीटशास्त्र) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने 100 से अधिक जवानों की टीम और साइबर सेल की मदद से महज 36 घंटे के भीतर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य सूत्रधार प्रोफेसर सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और मामले की विस्तृत जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
एंडोस्कोपी कैमरे से सीलबंद लिफाफे में किया छेद
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से विश्वविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और प्रश्नपत्र ले जाने का काम कर रहा था।
17 अगस्त को आरोपी प्रश्नपत्रों का लिफाफा अपने घर ले गया। वहां उसने सुई, सूजे और करीब 2500 रुपये में खरीदे गए एंडोस्कोपी कैमरे की मदद से लिफाफे में छोटा छेद करके पूरे पेपर का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
11 हजार रुपये में बेचा गया प्रश्नपत्र
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी प्रोफेसर ने लिफाफे को फेविकोल से वापस चिपका दिया और प्रश्नपत्र को 11 हजार रुपये में अपने ही कॉलेज के छात्रों को बेच दिया। इसके बाद यह पेपर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
मामले में गिरफ्तार अन्य छात्रों में अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 हजार रुपये नगद, 6 मोबाइल, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, सुई, सूजा, केबल और फेविकोल बरामद किया है। मामले में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
