नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने फंसे नागरिकों की राहत के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जारी निगरानी के दौरान रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित लौट रहे हैं, जबकि बिलासपुर और सरगुजा के 2 नागरिक अब भी लापता हैं।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन: छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षा पर राज्य सरकार की नजर
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के चलते बने गंभीर हालात के बीच छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देशों के बाद राज्य प्रशासन नेपाल में मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा, लोकेशन और जानकारी जुटाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
प्रशासन द्वारा जुटाए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश से संबंधित 9 नागरिकों की स्थिति का पता चला है।
रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित, छत्तीसगढ़ वापसी के लिए हुए रवाना
राहत की खबर यह है कि रायपुर के माना क्षेत्र से 21 अगस्त को नेपाल गए 5 नागरिक पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं। इनमें दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर शामिल हैं।
ये सभी नागरिक सुरक्षित स्थिति में हैं और रायपुर वापस लौटने के लिए नेपाल से रवाना हो चुके हैं।
दो महिलाओं के परिजनों से स्थापित हुआ संपर्क
इसके अलावा, रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव, जो 22 अगस्त को नेपाल गई थीं, उनके परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है।
इसी प्रकार, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी के संबंध में भी परिजनों से बातचीत हो गई है। प्रशासन उनके संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन और समन्वय कर रहा है।
बिलासपुर और सरगुजा की दो एनआरआई महिलाएं अब भी लापता
मामले में बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय फिनलैंड की नागरिक प्रियंका चौधरी के नेपाल में लापता होने की जानकारी मिली है। प्रशासन संबंधित एजेंसियों के जरिए उनकी तलाश में जुटा है।
वहीं, सरगुजा निवासी और यूनाइटेड किंगडम की नागरिक डॉ. मीना गुप्ता भी लापता हैं। उनका अंतिम ज्ञात स्थान नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय बताया गया है।
