रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न क्षेत्रों से आई बहनों से राखी बंधवाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदियों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मातृशक्ति के बिना विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अधूरा है।
रायपुर मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन उत्सव: सीएम विष्णु देव साय ने बंधवाई राखी
रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व अत्यंत आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें स्नेह एवं आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदियों की उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना विकसित छत्तीसगढ़ अधूरा: सीएम साय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समाज की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
विशिष्ट हस्तियों और विभिन्न वर्गों की बहनों ने बांधी राखी
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी, जिसे सीएम साय ने अपने लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। कर्नल दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे।
इसके अतिरिक्त, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी व स्मृति दीदी, सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी। महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी और दिव्यांग बहनों ने भी मुख्यमंत्री के साथ पर्व मनाया।
सुरक्षा बलों के 1600 जवानों को बांधी गई राखी
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों को राखी बांधी।
इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के जवान शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों पर परिवार से दूर रहकर सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।
