आज की तेज़ और बिजी लाइफस्टाइल की वजह से हर कोई तनावपूर्ण जीवन जी रहा है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं, जिनमें स्ट्रोक भी शामिल है। पहले यह ज्यादातर बुजुर्गों को होता था, लेकिन अब किसी भी उम्र और जेंडर के लोगों को प्रभावित कर रहा है।
स्ट्रोक क्या है?
स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग में खून का बहाव कम हो जाता है या दिमाग की किसी नस में ब्लॉकेज या फटने की समस्या होती है। यह एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है, जो विकलांगता या जानलेवा भी साबित हो सकती है।
स्ट्रोक के चार मुख्य कारण:
- हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर नसों को कमजोर करता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए रेगुलर ब्लड प्रेशर चेक करवाना बेहद जरूरी है। - अनहेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट
बिजी जीवनशैली और फास्ट फूड, अधिक तेल-मसाले वाले भोजन से धमनियों में प्लाक जमता है और खून का बहाव धीमा हो जाता है। नींद की कमी और एक्सरसाइज न करना भी स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाता है। - स्मोकिंग और शराब
सिगरेट और शराब नसों को कमजोर करती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ाती हैं, जिससे स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। - स्ट्रेस
लगातार तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर असंतुलित होते हैं।
अन्य कारण:
बुढ़ापा, पारिवारिक इतिहास, प्रदूषण और वायरल संक्रमण भी स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
बचाव के उपाय:
- रेगुलर ब्लड प्रेशर और ब्लड टेस्ट
- संतुलित डाइट और समय पर भोजन
- नियमित एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद
- स्ट्रेस कम करने की तकनीक अपनाना
- धूम्रपान और शराब से परहेज
