प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले हुई इस बैठक में पीएम मोदी ने काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति प्रयासों में सहायता की प्रतिबद्धता दोहराई।
द्विपक्षीय वार्ता और द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। आगमन के तुरंत बाद दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट से अधिक समय तक बैठक हुई। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने वर्तमान 65 अरब डॉलर के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
काला सागर क्षेत्र और नौवहन सुरक्षा बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों सहित प्रमुख क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इन संघर्षों से समुद्री व्यापार तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा प्रभावित हुई है, जिस पर भारत ने अपनी चिंता व्यक्त की।
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति भारत और रूस ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, नागरिक परमाणु ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति और जन-जन के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के क्षेत्र में सहयोग तेज करने पर सहमति व्यक्त की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भी उल्लेखनीय वृद्धि और लचीलापन दिखाया है।
वार्षिक शिखर सम्मेलन का निमंत्रण वार्ता के बाद दोनों नेता भारत मंडपम परिसर में बिजनेस फोरम के स्थल तक एक ही कार में गए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस जाने का राष्ट्रपति पुतिन का निमंत्रण स्वीकार कर लिया।
