मुंबई: विशेष एनआईए अदालत ने मुंबई के चर्चित एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्याकांड में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को 29 सितंबर 2026 को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश चकोर एस. बाविस्कर ने लंबी हिरासत और मुकदमे में संभावित देरी को आधार बनाते हुए यह आदेश सुनाया, हालांकि वाजे की रिहाई पर कई कड़ी शर्तें भी लागू की गई हैं।
विशेष एनआईए अदालत ने सचिन वाजे की जमानत अर्जी मंजूर की
मुंबई के प्रसिद्ध एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हिरेन हत्याकांड के मुख्य आरोपी एवं पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को विशेष एनआईए (NIA) अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश चकोर एस. बाविस्कर ने 29 सितंबर 2026 को सचिन वाजे की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, अदालत ने वाजे की लंबी हिरासत अवधि, मुकदमे के पूरा होने में संभावित विलंब और मामले के सह-आरोपियों को पहले मिल चुकी राहत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है।
अदालत ने वाजे को 1 लाख रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और समान राशि के स्थानीय जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जमानत के लिए अदालत द्वारा तय की गई सख्त शर्तें
रिहाई के साथ ही विशेष अदालत ने सचिन वाजे पर कई कठोर प्रतिबंध लागू किए हैं:
- जिला प्रवेश पर प्रतिबंध: मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने की प्रक्रिया पूरी होने तक वाजे मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
- आवास का विवरण: उन्हें अगले सात दिनों के भीतर इन प्रतिबंधित जिलों से बाहर अपने प्रस्तावित नए ठिकाने या आवास की स्पष्ट जानकारी देनी होगी।
- पासपोर्ट जमा करना: वाजे को अपना पासपोर्ट राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के समक्ष सरेंडर करना होगा।
- नियमित हाजिरी: उन्हें हर रविवार दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच अपने निकटतम स्थानीय पुलिस स्टेशन में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।
- लोकेशन शेयरिंग: एनआईए या पुलिस अधिकारियों के कॉल अथवा वीडियो कॉल करने पर अपनी लाइव लोकेशन साझा करनी होगी।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन किए जाने पर कानूनी कार्रवाई करते हुए जमानत रद्द की जा सकती है।
जमानत मंजूर करने के पीछे अदालत का तर्क
जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रथम दृष्टया गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी कृत्य और देश की आर्थिक सुरक्षा को खतरे से जुड़े आरोपों का आकलन किया। आदेश में कथित विस्फोटक सामग्री, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष द्वारा दाखिल साक्ष्यों का संदर्भ दिया गया।
न्यायालय ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि सचिन वाजे 13 मार्च 2021 से लगातार हिरासत में हैं। इस मामले में कुल 320 गवाहों के बयान दर्ज होने हैं और चार्जशीट 14,000 से अधिक पन्नों की है, जिससे मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में काफी लंबा समय लग सकता है। इसके अलावा, मामले के अन्य सह-आरोपियों प्रदीप शर्मा और सुनील माने को पूर्व में मिली जमानत के पहलू को भी अदालत ने अपने निर्णय का आधार बनाया।
