सिंगापुर में आयोजित मैरिटाइम वीक के दौरान मंगलवार को भारत और सिंगापुर डिजिटल कॉरिडोर सहयोग और ग्रीन शिपिंग के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में आगे बढ़े। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने बताया कि दोनों देश इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं।
डिजिटल कॉरिडोर और ग्रीन शिपिंग पर भारत-सिंगापुर सहयोग
सिंगापुर में आयोजित मैरिटाइम वीक के दौरान भारत और सिंगापुर के बीच डिजिटल कॉरिडोर सहयोग और ग्रीन शिपिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार करने पर काम किया जा रहा है। यह पहल वैश्विक स्तर पर समुद्री क्षेत्र में डिकार्बोनाइजेशन प्रयासों का हिस्सा है।
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने बताया कि इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) के लिए विस्तृत ढांचा तैयार किया जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर फोकस
विजय कुमार के अनुसार, इस योजना के तहत निवेश, स्टोरेज टैंक क्षमता, पाइपलाइन, बंकरिंग सुविधाएं और भविष्य में ग्रीन फ्यूल की मांग जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर एक-दूसरे के पूरक हैं, जहां भारत ग्रीन एनर्जी और संसाधन उपलब्ध कराता है, वहीं सिंगापुर वैश्विक शिपिंग हब के रूप में कार्य करता है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी
इस कार्यक्रम में भारत की ओर से Directorate General of Shipping, Shipping Corporation of India, VOC Port Authority, Deendayal Port Authority, प्रमुख भारतीय शिपयार्ड और Indian Ports Association के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
विजय कुमार ने 12 देशों के समुद्री उद्योग विकास कार्यक्रम में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें कई मंत्री और वैश्विक हितधारक मौजूद थे।
भारतीय पवेलियन का उद्घाटन
सिंगापुर के परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ राज्य मंत्री मुरली पिल्लई ने 160 वर्ग मीटर के भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया। यहां जहाजों के मॉडल, सिम्युलेटर और विभिन्न प्रदर्शनी प्रदर्शित की जा रही हैं।
INSV Kaundinya बना आकर्षण का केंद्र
पवेलियन में INSV Kaundinya विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह पारंपरिक तकनीक से निर्मित लकड़ी का जहाज है, जिसे बिना धातु के बनाया गया है और इसमें नारियल की रस्सी का उपयोग किया गया है।
यह जहाज 5वीं सदी की अजंता गुफा चित्रों से प्रेरित है और जनवरी 2026 में ओमान तक अपनी पहली यात्रा पूरी कर चुका है।
वैश्विक भागीदारी
मैरिटाइम वीक के 20वें संस्करण में लगभग 80 देशों और क्षेत्रों से 20,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
