इस खबर के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
EOU की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
- भंडाफोड़: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पटना के दानापुर और शेखपुरा जिले में छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।
- 27 आरोपी गिरफ्तार: इस कार्रवाई के दौरान रैकेट में शामिल 27 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 लैपटॉप, 24 स्मार्टफोन, 25 की-पैड मोबाइल, 27 हार्ड डिस्क, फर्जी सिम कार्ड और वाईफाई राउटर जैसे डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं।
ठगी का तरीका: कैसे फंसाते थे जाल में?
- नंबरों का स्रोत: यह गिरोह गूगल और अन्य डिजिटल स्रोतों से आम नागरिकों के मोबाइल नंबर इकट्ठा करता था।
- फर्जी कॉल सेंटर: दानापुर और रूपसपुर में संचालित इन कॉल सेंटरों में महिला कर्मियों का उपयोग किया जाता था ताकि पीड़ितों का विश्वास जीता जा सके।
- झांसा: लोगों को तत्काल लोन, मोबाइल रिचार्ज, रेल-हवाई टिकट बुकिंग और आधार अपडेट जैसी डिजिटल सेवाओं का लालच दिया जाता था।
- लूट का आंकड़ा: पिछले 4 वर्षों में इस गिरोह ने लगभग 500 लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है।
शेखपुरा में ‘लोन’ के नाम पर लूट
- प्रोसेसिंग फीस का खेल: शेखपुरा में ठगों ने एप के माध्यम से ‘इंस्टेंट लोन’ का प्रलोभन देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और केवाईसी (KYC) चार्ज के नाम पर ऑनलाइन पैसे वसूले।
- संपर्क विच्छेद: राशि प्राप्त होते ही ठग पीड़ितों के नंबर ब्लॉक कर देते थे और सभी संपर्क समाप्त कर लिए जाते थे।
प्रशासन की अपील: रहें सावधान
EOU ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर, अवैध नौकरी के कॉल या बिना सत्यापन वाले लोन एप्स के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को सूचित करें।
