छत्तीसगढ़ की बेसहारा नाबालिग बच्चियों को पढ़ाई और नौकरी का झांसा देकर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। टप्पल थाना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में ‘लीडर चाची’ समेत 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और 3 बच्चियों को रेस्क्यू किया गया है।
छत्तीसगढ़ की बच्चियों को झांसा देकर बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
छत्तीसगढ़ की आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा बेटियों को पढ़ाई, नौकरी और वित्तीय मदद का लालच देकर बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। टप्पल पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
ऑपरेशन स्माइल के तहत कार्रवाई, 3 नाबालिग बच्चियां सुरक्षित रेस्क्यू
अलीगढ़ के एसपी देहात मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि 7 अगस्त को मौर गांव में एक बच्ची को बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सीओ खैर अभिषेक कुमार पटेल के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 3 नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित छुड़ाया।
70 हजार से 1 लाख रुपये में तय होती थी नाबालिगों की कीमत
जांच में सामने आया कि प्रयागराज निवासी बबीता उर्फ ‘चाची’ छत्तीसगढ़ की जरूरतमंद बच्चियों को निशाना बनाकर झांसे में लेती थी। इसके बाद राजस्थान का सुखाराम उर्फ सूखा फर्जी पहचान के आधार पर बच्चियों को खरीदकर अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में 70 हजार से 1 लाख रुपये में बेच देता था।
‘लीडर चाची’ समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह की सरगना बबीता उर्फ चाची, सुखाराम उर्फ सूखा, बबलू, ओमपाल सिंह और विनोद को टप्पल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितनी बच्चियों को अपना शिकार बनाया है।
