रायपुर और अंबिकापुर RPF ने सिटी PRS बैकुंठपुर में सक्रिय एक बड़े रेलवे टिकट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए नगर पालिका के संविदा कर्मचारी और यूपी के एक दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी खाली टिकटों पर हाथ से पेन द्वारा फर्जी PNR लिखकर महंगे दामों पर ब्लैक करते थे।
रायपुर-अंबिकापुर क्षेत्र में रेलवे टिकटों की अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर सिटी PRS में तैनात संविदा कर्मचारी और उत्तर प्रदेश के दलाल द्वारा चलाए जा रहे रेलवे आरक्षित टिकटों के अवैध कारोबार को RPF ने बेनकाब कर दिया है। इस कार्रवाई में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लाखों रुपये के टिकट बरामद हुए हैं।
हाथ से PNR लिखकर यूपी भेजे जाते थे फर्जी तत्काल टिकट
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर आरपीएफ निरीक्षक सुनीता मिंज द्वारा शुरू की गई जांच में पता चला कि आरोपी बैकुंठपुर काउंटर से खाली टिकट निकालकर पेन से हाथ द्वारा फर्जी PNR नंबर लिखते थे। इसके बाद इन टिकटों को बसों के जरिए बनारस (उत्तर प्रदेश) भेजा जाता था। इलाहाबाद जंक्शन पर जांच के दौरान सिस्टम में गलत PNR मिलने पर इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद GRP जौनपुर में BNS धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
3.68 लाख रुपये के टिकट बरामद, प्रति टिकट कमाते थे भारी मुनाफा
जांच के दौरान आरोपी संविदा कर्मचारी अविनाश कुमार और भदोही (यूपी) निवासी दलाल संजय कुमार विश्वकर्मा के मोबाइल से 60 तत्काल एवं सामान्य टिकटों के स्क्रीनशॉट मिले, जिनकी कुल कीमत 3,68,351 रुपये है। अविनाश को प्रति यात्री 400 रुपये का कमीशन मिलता था, जबकि संजय ग्राहकों को टिकट बेचकर 600 से 800 रुपये तक का मुनाफा कमाता था। आरपीएफ ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
