नई दिल्ली में 26 अप्रैल को केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत PPAC के उस निर्णय को सही ठहराया, जिसमें रूस से भारत के कच्चे तेल आयात से जुड़ा डेटा “व्यावसायिक और गोपनीय” बताते हुए RTI के तहत साझा करने से इनकार किया गया था।
रूस से कच्चे तेल आयात डेटा को गोपनीय माना गया
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) के उस निर्णय का समर्थन किया है, जिसमें रूस से भारत के कच्चे तेल आयात से संबंधित डेटा को सार्वजनिक करने से इनकार किया गया था।
यह मामला RTI आवेदन से जुड़ा है, जिसमें जून 2022 से जून 2025 के बीच रूस से भारत द्वारा किए गए कच्चे तेल आयात की कंपनी-वार और देश-वार जानकारी मांगी गई थी।
RTI के तहत जानकारी देने से इनकार
CPIO ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा था कि देश-वार और कंपनी-वार कच्चे तेल आयात का विवरण व्यावसायिक और गोपनीय प्रकृति का है, जिसे RTI अधिनियम 2005 की धारा 8(1)(d) और 8(1)(e) के तहत छूट प्राप्त है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुल आयातित कच्चे तेल की मात्रा और मूल्य PPAC की वेबसाइट से उपलब्ध है।
CIC ने रणनीतिक कारणों का हवाला दिया
सुनवाई के दौरान केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि मांगी गई जानकारी का खुलासा देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों को प्रभावित कर सकता है।
आयोग ने यह भी कहा कि यह डेटा विदेश नीति और भू-राजनीतिक संबंधों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
RTI अधिनियम के तहत छूट बरकरार
CIC ने इसे RTI अधिनियम की धारा 8(1)(a) और 8(1)(d) के तहत वैध ठहराया और कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राहत देने की आवश्यकता नहीं है।
PPAC अधिकारी पर कारण बताओ नोटिस
आयोग ने PPAC के संबंधित अधिकारी को सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि RTI अधिनियम की धारा 20(1) के तहत जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश
CIC ने यह भी कहा कि PPAC की वेबसाइट पर RTI से जुड़ी जानकारी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं है। आयोग ने निर्देश दिया कि RTI अधिनियम की धारा 4 के तहत आवश्यक सूचनाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही आयोग ने सुझाव दिया कि सार्वजनिक प्राधिकरणों को संगठन, कार्य, अधिकारियों की जानकारी, दस्तावेजों की श्रेणियां और वेतन संरचना जैसी जानकारियां स्वतः सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करानी चाहिए।
