दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में सह-चालक के चाकू हमले का सामना करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के लिए विमानन क्षेत्र (एविएशन) बचपन का सपना नहीं था। टेक्स्टाइल इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद एक सेमिनार से प्रेरित होकर उन्होंने एविएशन में अपना करियर शुरू किया था।
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में सह-चालक (को-पायलट) के चाकू हमले और विमान दुर्घटनाग्रस्त करने के प्रयास का बहादुरी से मुकाबला कर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले 39 वर्षीय कैप्टन स्मित मच्छार रातों-रात हीरो बन गए हैं। इजराइली मीडिया के दावों के अनुसार, ओमानी नागरिक सह-चालक ने विमान का अपहरण कर उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
33,000 फीट की ऊंचाई पर आपातकालीन स्थिति
‘फ्लाइटराडार24’ (FlightRadar24) के आंकड़ों के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान अचानक एक मिनट के भीतर 33,000 फीट की ऊंचाई से गिरकर 17,000 फीट पर आ गया। इसके बाद विमान ने जोर्डन सीमा के पास एक अनियंत्रित चक्कर लगाया और लगभग एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित लैंडिंग की।
पारिवारिक व्यवसाय और टेक्स्टाइल इंजीनियरिंग से शुरुआत
18 से अधिक वर्षों से उड़ान भर रहे कैप्टन स्मित मच्छार के लिए एविएशन उनका बचपन का सपना नहीं था। 17 अक्टूबर 2025 को यूट्यूबर झलक मेहता के साथ एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पारिवारिक व्यवसाय से संबंधित टेक्स्टाइल इंजीनियरिंग का कोर्स किया था।
उन्होंने बताया, “मैंने वह कोर्स पूरा किया और उसके बाद पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रबंधन (मैनेजमेंट) का कोर्स करना चाहता था। उसी दौरान मुझे एविएशन के एक सेमिनार में जाने का मौका मिला, जिसने मुझे बेहद आकर्षित किया।”
मां थीं चिंतित, पिता ने दिया संबल
स्मित मच्छार ने पॉडकास्ट में याद करते हुए साझा किया था कि जब उन्होंने अपना करियर बदलकर एविएशन में जाने का फैसला लिया, तो उनकी मां इस पेशे को लेकर काफी डरी हुई थीं, जबकि उनके पिता अधिक शांत स्वभाव के थे और उन्होंने इस निर्णय का समर्थन किया।
