गिरिडीह जिले की अकडोनी कला पंचायत में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मुखिया मनोज पासी पर आरोप है कि उन्होंने विधायक मद से मिलने वाले सरकारी चापाकल को ₹10,000 की रिश्वत लेकर नियमों के विरुद्ध लगवाया। ग्रामीणों ने ऑडियो क्लिप और गवाहों के आधार पर प्रशासनिक जांच की मांग की है।
अकडोनी कला पंचायत में रिश्वतखोरी का आरोप
गिरिडीह जिले के अकडोनी कला पंचायत में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय मुखिया मनोज पासी पर यह गंभीर आरोप लगा है कि उन्होंने विधायक मद के तहत आवंटित सरकारी चापाकल को नियमों को ताक पर रखकर लगवाया। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब इससे जुड़े कथित साक्ष्य सार्वजनिक हुए।
ऑडियो क्लिप और ड्राइवर के बयान से मची खलबली
भ्रष्टाचार के इस मामले में एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें एक लाभुक यह स्वीकार कर रहा है कि चापाकल लगवाने के बदले उसने मुखिया को ₹10,000 दिए थे। इसके अतिरिक्त, चापाकल बोरिंग गाड़ी के ड्राइवर ने भी कथित तौर पर यह स्वीकार किया है कि मुखिया के सीधे निर्देश पर ही चापाकल लगाने का निर्धारित स्थान बदला गया था।
सार्वजनिक धन का निजी हित में उपयोग
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर चापाकल स्थापित किया गया है, वहां आबादी बहुत कम है और आम जनता को इसकी तत्काल आवश्यकता नहीं थी। आरोप है कि लाभुक का घर अभी निर्माणाधीन है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकारी संपत्ति का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए किया जा रहा है। विधायक मद के फंड का इस तरह का विचलन सरकारी दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा
अकडोनी कला के निवासियों के अनुसार, यह मामला सरकारी योजनाओं में जारी खुली सौदेबाजी का प्रमाण है। ऑडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के रूप में महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। अब गिरिडीह जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं कि इस कथित घोटाले की जांच कब शुरू होगी और दोषियों पर क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भारत मंथन लाइव न्यूज इस मामले में प्रशासनिक प्रगति पर नजर बनाए हुए है।
