झारखंड के गिरिडीह में गाड़ी फाइनेंस कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के बाद राधा स्वामी संगठन के तीन संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए। मंगलवार को भुक्तभोगियों ने पचम्बा थाना क्षेत्र के बोडो स्थित कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। पचम्बा थाना पुलिस मामले में पीड़ितों से आवेदन मिलने का इंतजार कर रही है।
गिरिडीह में वाहन फाइनेंस के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी, दफ्तर पर हंगामा
गिरिडीह, झारखंड: गाड़ी फाइनेंस करने के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाली संस्था राधा स्वामी संगठन के कार्यालय में मंगलवार को भुक्तभोगियों ने जमकर हंगामा किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद स्थानीय लोगों को जानकारी मिली कि संस्था के संचालक करोड़ों रुपये की चपत लगाकर फरार हो चुके हैं।
राधा स्वामी संगठन के गिरिडीह संचालक अनीता सिन्हा, दीपक शर्मा और मुकेश सिन्हा कार्यालय में ताला बंद कर मंगलवार को ही चंपत हो गए। पचम्बा थाना इलाके के बोडो स्थित इस कार्यालय के बाहर एक नोटिस चिपकाया गया था, जिसमें कार्यालय बंद होने की आधिकारिक सूचना दी गई थी। इस नोटिस को देखकर उन लोगों का गुस्सा भड़क उठा, जिन्होंने नई गाड़ी खरीदने की चाहत में मुकेश सिन्हा और अन्य सहयोगियों के कहने पर लाखों रुपये संस्था में लगाए थे।
नई गाड़ियां दिलाने के नाम पर ऐसे फंसाते थे जाल में
जानकारी के अनुसार, पीड़ितों द्वारा जमा की गई फाइनेंस की रकम को आगे जमा नहीं किया गया था। राधा स्वामी संगठन के तीनों आरोपी सदस्य लगातार निवेशकों के साथ टालमटोल करते रहे और अंत में कार्यालय बंद कर भाग निकले।
यह संस्था मुख्य रूप से उन लोगों को अपने जाल में फंसाती थी जो नई गाड़ियों को खरीदने की इच्छा रखते थे। संस्था के ये तीनों सदस्य गाड़ी दिलाने के नाम पर ग्राहकों से फाइनेंस कराते थे और उनसे पैसे लेकर खुद किस्त जमा करने का दावा करते थे। बताते चलें कि राधा स्वामी संगठन काफी पहले से लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था।
पचम्बा थाना पुलिस को लिखित आवेदन का इंतजार
इस पूरे मामले को लेकर पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अभी पीड़ितों की ओर से लिखित आवेदन मिलने का इंतजार कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, जैसे ही भुक्तभोगियों द्वारा आवेदन प्राप्त होता है, वैसे ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
