पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि देश में LPG और उर्वरक (Fertiliser) की आपूर्ति पूरी तरह से पर्याप्त है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) से बचें। अधिकारियों ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू है।
LPG आपूर्ति पर सरकार का स्पष्ट रुख
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में जानकारी दी कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि किसी भी वितरक (Distributor) के यहां स्टॉक खत्म नहीं हुआ है। सुजाता शर्मा ने कहा, “हमारे पास LPG की पर्याप्त आपूर्ति है। लगभग 93 प्रतिशत सिलेंडर की आपूर्ति ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए की जा रही है।”
उन्होंने लोगों को चेताया कि कुछ जगहों पर ‘पैनिक बाइंग’ देखी जा रही है, जो पूरी तरह अनावश्यक है। सरकार ने स्पष्ट किया कि खरीदारी अपनी जरूरत के अनुसार ही करें।
कालाबाजारी पर सख्ती और कार्रवाई
मंत्रालय ने गलत गतिविधियों में लिप्त वितरकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। अब तक देश भर में लगभग 1,800 स्थानों पर छापेमारी की गई है। सरकार ने 310 वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 71 LPG वितरकों को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
PNG उपभोक्ताओं को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास PNG कनेक्शन है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य है।
उर्वरक (Fertiliser) की स्थिति मजबूत
उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने बताया कि देश में उर्वरक की उपलब्धता मांग से कहीं अधिक है। आंकड़ों के अनुसार:
- यूरिया: 1 अप्रैल से 26 अप्रैल तक 71.58 लाख मीट्रिक टन (LMT) उपलब्ध है, जबकि आवश्यकता केवल 18.17 LMT की है।
- DAP: 22.35 LMT की उपलब्धता है, जबकि जरूरत 5.90 LMT है।सरकार ने दोहराया कि उर्वरक सुरक्षा पूरी तरह से स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है।
समुद्री सुरक्षा पर अपडेट
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने हालिया समुद्री घटनाओं पर चर्चा की। उन्होंने पुष्टि की कि ओमान के तट पर एक टैंकर से जुड़े मामले में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और भारत का कोई भी जहाज प्रभावित नहीं हुआ है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
