गुमला जिले के संवेदकों ने अपनी लंबित मांगों और रॉयल्टी नीति के विरोध में समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। जिला संवेदक संघ ने समय पर भुगतान, रॉयल्टी संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर विकास योजनाओं का कार्य बंद किया जाएगा।
गुमला में संवेदकों का एक दिवसीय धरना, लंबित भुगतान और रॉयल्टी नीति पर उठाए सवाल
गुमला जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े संवेदकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संवेदक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान संवेदकों ने सरकार की नई रॉयल्टी नीति का विरोध करते हुए लंबित भुगतानों के शीघ्र निपटारे की मांग की।
संवेदकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे विकास योजनाओं का कार्य पूरी तरह बंद करने के लिए बाध्य होंगे।
समय पर भुगतान नहीं मिलने का लगाया आरोप
धरने के दौरान संवेदकों ने कहा कि वे विकास योजनाओं को समय पर पूरा कर देते हैं, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कार्य का भुगतान समय पर नहीं किया जाता। उनका कहना है कि भुगतान में हो रही देरी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई योजनाओं का भुगतान लंबित होने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
रॉयल्टी नीति पर जताई आपत्ति
संवेदकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा रॉयल्टी के नाम पर अधिक राशि वसूली जा रही है। उनका कहना है कि बालू, मिट्टी और चिप्स सहित अन्य सामग्री के चालान उपलब्ध नहीं होने के कारण भी भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है।
संवेदकों के अनुसार, इन परिस्थितियों में उन्हें कई प्रशासनिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला संवेदक संघ अध्यक्ष ने रखी मांगें
जिला संवेदक संघ के अध्यक्ष गुड्डू गुप्ता ने कहा कि संवेदक विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने का प्रयास करते हैं, लेकिन अपेक्षित प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल पाने से कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं।
उन्होंने कहा कि बालू पर उन्हें ₹2 प्रति सीएफटी के हिसाब से राशि मिलती है, जबकि उनसे ₹10 से अधिक रॉयल्टी वसूली जा रही है। उनका यह भी कहना था कि गुमला जिले में रॉयल्टी चालान उपलब्ध कराने वाले लोगों की संख्या सीमित होने के कारण कई बार दूसरे राज्यों से चालान मंगाने की स्थिति बनती है।
भुगतान में देरी से मजदूर भी हो रहे प्रभावित
जिला संवेदक संघ के सचिव पंकज कुमार सिंह ने कहा कि संवेदकों के माध्यम से कई परिवारों का रोजगार जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, समय पर भुगतान नहीं होने से मजदूरों को भी समय पर मजदूरी नहीं मिल पाती।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ वर्ष पूर्व ACA फंड के तहत कराए गए विकास कार्यों का भुगतान अब तक लंबित है, जिससे संवेदकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार से रॉयल्टी व्यवस्था में सुधार की मांग
संवेदक सूचित पांडे ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली राशि और वसूली जाने वाली रॉयल्टी के बीच असंतुलन के कारण भुगतान प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि रॉयल्टी की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई राशि के अनुरूप तय की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो मजबूरी में विकास योजनाओं का कार्य बंद करना पड़ेगा, जिससे जिले के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र
धरना समाप्त होने के बाद जिला संवेदक संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन उपायुक्त दिलेश्वर महतो को सौंपा और विभिन्न मुद्दों पर उनसे चर्चा की।
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि संवेदकों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर नियमों के अनुरूप संभव होगा, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं राज्य स्तर से संबंधित मामलों को विचारार्थ राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।
