झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के कारोबार पर कड़ा अंकुश लगाने, विभाग के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने और शराब परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली लागू करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार, 24 जुलाई को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, राजस्व संग्रहण और राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं तस्करी पर रोक लगाने के लिए की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, बिक्री और तस्करी पर पूरी कठोरता से रोक लगाई जाए।
अवैध शराब कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अवैध मदिरा निर्माण से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यह आम लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ त्वरित और असरदार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभाग के कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के लिए रिक्त पदों पर जल्द से जल्द बहाली प्रक्रिया पूरी करने और वाहनों को आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग तकनीक से जोड़ने के निर्देश दिए।
राजस्व लक्ष्य और उपलब्धियों का ब्योरा
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभाग के राजस्व संग्रहण की स्थिति प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने 3,885.11 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य से अधिक 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने 4,500 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों ने अवगत कराया कि जुलाई 2026 के मध्य तक 1,376 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया जा चुका है, जो कि कुल वार्षिक लक्ष्य का 30.57 प्रतिशत है।
