ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 में हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनकर उभरे हैं। रिपोर्ट में अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर में हैदराबाद को वैश्विक स्तर पर 15वां स्थान मिला है और इसके 2050 तक एक प्रमुख आर्थिक महाशक्ति बनने की संभावना जताई गई है।
ईटीवी भारत द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 में भारत के प्रमुख शहरी केंद्रों के आर्थिक उभार को रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट में हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई को देश की आर्थिक रीढ़ माना गया है।
वैश्विक जीडीपी ग्रोथ में हैदराबाद 15वें स्थान पर
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स इंडेक्स में हैदराबाद की मजबूत आर्थिक गति को दर्शाया गया है। अनुमानित जीडीपी वृद्धि के मामले में हैदराबाद ने विश्व स्तर पर 15वीं रैंक हासिल की है।
विश्लेषण के अनुसार, हैदराबाद में 2050 तक दुनिया की प्रमुख आर्थिक ताकतों में शामिल होने की अपार क्षमता है। इसके अलावा, ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में शहर के 58वें स्थान पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।
मानव पूंजी श्रेणी में दिल्ली का उत्कृष्ट प्रदर्शन
रिपोर्ट में भारत के अन्य प्रमुख शहरों के प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला गया है:
- दुनिया की शीर्ष 100 सबसे तेजी से बढ़ती शहरी अर्थशास्त्रियों में 55 भारतीय शहरों ने अपनी जगह बनाई है।
- दिल्ली ने मानव पूंजी (Human Capital) श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 13वां स्थान प्राप्त किया है।
- इस श्रेणी में दिल्ली ने टोरंटो, सियोल और बीजिंग जैसे प्रमुख वैश्विक शहरों को पीछे छोड़ दिया है।
भारत के तेजी से बढ़ते शहरी केंद्र
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 के आंकड़े यह साबित करते हैं कि भारत के बड़े शहर वैश्विक मंच पर व्यापार, शिक्षा और कॉर्पोरेट केंद्रों के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं। हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगर देश के भविष्य के आर्थिक विकास को गति प्रदान कर रहे हैं।
