कठुआ: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट कैंप में आपसी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में सीआईएसएफ (CISF) के चार जवानों की मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब 7:10 बजे हुई इस घटना में एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार जवान मारे गए।
कठुआ के सेवा पावर प्रोजेक्ट कैंप में दुखद घटना
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों के बीच हुई आपसी गोलीबारी की घटना में कम से कम चार जवानों की मौत हो गई है। यह घटना कठुआ जिले के बसोहली की पहाड़ियों में स्थित सेवा-तृतीय (Sewa-III) हाइडल पावर प्रोजेक्ट के सीआईएसएफ कैंप में हुई। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद एक हेड कांस्टेबल ने अपने ही साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
फायरिंग की यह घटना मंगलवार शाम करीब 7:10 बजे घटी। गोलीबारी में घायल हुए जवानों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
बहस के बाद हेड कांस्टेबल ने चलाई गोली
अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ के ये जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव में स्थित बिजली परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, किसी मुद्दे को लेकर दो जवानों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद 2009 बैच के आरोपी हेड कांस्टेबल ने अपने सर्विस हथियार से अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि आरोपी हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की आंतरिक व कानूनी जांच शुरू कर दी है।
मारे गए जवानों की हुई पहचान
सीआईएसएफ द्वारा इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले अधिकारियों और जवानों के नाम जारी कर दिए गए हैं:
- अंकित कुमार पांडे (असिस्टेंट कमांडेंट)
- लक्ष्मण सिंह (सब-इंस्पेक्टर)
- रफीक अहमद (कांस्टेबल)
- संदीप कुमार (कांस्टेबल)
घटना के वास्तविक कारणों और किन परिस्थितियों में विवाद बढ़ा, इसकी गहन जांच की जा रही है।
