लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा पारदर्शिता को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से जारी छात्रों और विभिन्न संगठनों का आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
शिक्षा सुधार और परीक्षा पारदर्शिता की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू होगा अनशन
नई दिल्ली: जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े जनआंदोलन का केंद्र बनने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे हैं। अब लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने 28 जून से इसी मंच पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया है।
सोनम वांगचुक का कहना है कि लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से मांगें उठाने और सरकार से बातचीत की कोशिश करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर लगातार अनदेखी हो रही है, जिसके चलते उन्होंने इस अनशन का रास्ता चुना है।
मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा अनशन, विभिन्न वर्गों से शामिल होने की अपील
जानकारी के मुताबिक, यह भूख हड़ताल 28 जून से जंतर-मंतर पर शुरू होगी और तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती। इस आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए किसानों, शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से भी बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ता बीते 20 जून से जंतर-मंतर पर लगातार धरना दे रहे हैं। संगठन का स्पष्ट कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना बेहद जरूरी है। प्रदर्शन कर रहे लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
अब 28 जून से सोनम वांगचुक के इस अनशन में शामिल होने के बाद आंदोलन के और अधिक उग्र व तेज होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में जंतर-मंतर पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां और भी बढ़ सकती हैं। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भारत मंथन लाइव न्यूज़ द्वारा साझा की गई है।
