अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना ने जटिल ब्रेन ट्यूमर सर्जरी को अधिक सटीक और सरल बनाने के लिए ‘सरज रिट्रैक्टर’ नामक एक बेहद हल्का ब्रेन रिट्रैक्शन डिवाइस विकसित किया है। एम्स पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सरज कुमार सिंह द्वारा यह डिवाइस तैयार किया गया है।
एम्स पटना की बड़ी उपलब्धि, ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के लिए तैयार किया अल्ट्रा-लाइटवेट डिवाइस
पटना: चिकित्सा नवाचार और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक अनूठी उपलब्धि हासिल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना ने एक अल्ट्रा-लाइटवेट (बेहद हल्का) ब्रेन रिट्रैक्शन डिवाइस विकसित किया है। इस अत्याधुनिक उपकरण को ‘सरज रिट्रैक्टर’ नाम दिया गया है। यह डिवाइस जटिल ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी को आसान बनाने के साथ-साथ उसकी सटीकता (प्रिसिजन) को भी काफी बढ़ा देता है।
इस अनूठे डिवाइस की अवधारणा और विकास एम्स पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सरज कुमार सिंह द्वारा किया गया है। इस उपकरण को संस्थान के तत्वावधान में डिजाइन पंजीकरण (डिजाइन रजिस्ट्रेशन) और ट्रेडमार्क सुरक्षा भी प्राप्त हो चुकी है।
न्यूरोसर्जरी में क्यों महत्वपूर्ण है ब्रेन रिट्रैक्टर?
ब्रेन रिट्रैक्टर न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में बेहद अनिवार्य और महत्वपूर्ण उपकरण माने जाते हैं। ये सर्जनों को मस्तिष्क के बेहद नाजुक हिस्सों और ऊतकों (टिश्यूज) को धीरे से पकड़ने और पीछे हटाने (रिट्रैक्ट करने) में सक्षम बनाते हैं। इसकी मदद से सर्जन मस्तिष्क के गहरे हिस्सों में स्थित ट्यूमर और खोपड़ी के अंदरूनी महत्वपूर्ण हिस्सों (इंट्राक्रेनीयल संरचनाओं) तक सुरक्षित रूप से पहुंच पाते हैं।
पारंपरिक भारी उपकरणों की जटिलता होगी खत्म
पारंपरिक ब्रेन रिट्रैक्शन सिस्टम अक्सर काफी भारी-भरकम होते हैं, जिनका वजन लगभग 3.5 किलोग्राम तक होता है। इनमें कई आपस में जुड़े हुए घटक (कंपोनेंट्स) और जोड़ शामिल होते हैं। ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान इनके उपयोग के लिए दो से तीन चिकित्सा कर्मियों की सहायता की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, ये पारंपरिक सिस्टम सर्जरी की प्रक्रिया को और अधिक जटिल बनाने के साथ-साथ तैयारी के समय को भी बढ़ा देते हैं, और इनमें तकनीकी या यांत्रिक विफलता (मैकेनिकल फेलियर) का जोखिम भी अधिक रहता है। इस सफल वैज्ञानिक आविष्कार की पूरी रिपोर्ट भारत मंथन लाइव न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत की गई है।
