झरिया में कोयला लोड ट्रक से कुचलकर मासूम की मौत, आगजनी और सड़क जाम से मतदान प्रभावित

झरिया में कोयला लोड ट्रक से कुचलकर मासूम की मौत, आगजनी और सड़क जाम से मतदान प्रभावित

धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के झरिया इलाके में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। झरिया थाना और घनुवाडीह ओपी क्षेत्र के बालूगद्दा में देर रात एक कोयला लोड ट्रक की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने ट्रक को रोक लिया और सोमवार सुबह झरिया–बलियापुर मुख्य मार्ग पर डीएवी उच्च विद्यालय के पास आगजनी कर सड़क जाम कर दिया।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर सड़क जाम किया गया, उसी स्कूल में बूथ संख्या 12, 13, 14 और 15 पर मतदान चल रहा था। जाम और हंगामे के कारण कुछ समय के लिए मतदान की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। हालांकि प्रशासन का दावा है कि मतदान पूरी तरह बाधित नहीं हुआ।

अवैध कोयला लोड ट्रकों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालूगद्दा और आसपास की संकरी गलियों से रोजाना अवैध कोयला लोड ट्रकों की आवाजाही होती है। इन्हीं ट्रकों की तेज रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति से गुजर रहा था, तभी बच्ची उसकी चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद अवैध कोयला परिवहन पर रोक नहीं लगाई गई। लोगों ने प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सड़क जाम और आगजनी से बिगड़े हालात

सुबह होते ही गुस्साए लोगों ने झरिया–बलियापुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। डीएवी उच्च विद्यालय के सामने टायर जलाकर आगजनी की गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन उग्र भीड़ के सामने पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

कई घंटों तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया।

मतदान केंद्र पर पड़ा असर

चूंकि जिस स्थान पर जाम लगाया गया, वहीं डीएवी उच्च विद्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया था, इसलिए कुछ समय के लिए मतदान की गति प्रभावित हुई। अंचल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जाम की वजह से मतदाताओं को थोड़ी असुविधा हुई, लेकिन मतदान पूरी तरह बाधित नहीं हुआ। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर मतदान को सुचारु रखने की कोशिश की।

नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप

घटना की सूचना मिलते ही झरिया के पूर्व विधायक और मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध कोयला परिवहन पर समय रहते कार्रवाई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।

वहीं मेयर प्रत्याशी इंदु देवी ने संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बच्ची के शव को जबरन उठवाया गया और इलाके में दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।

परिजनों का आरोप: पहले भी मिल चुकी थी धमकी

मृत बच्ची की मां खुशबू देवी ने आरोप लगाया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहीं उनका घर है। उन्होंने कहा कि रोजाना ट्रकों की आवाजाही से खतरा बना रहता था और कई बार घर हटाने की धमकी भी दी जाती थी। उनका आरोप है कि यह घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई है।

परिजनों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और अवैध कोयला कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश की जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इलाके में अवैध कोयला परिवहन पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि घटना ने एक बार फिर अवैध कोयला कारोबार और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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