नयी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के केंद्रीय पुस्तकालय में शुक्रवार को इस्कॉन प्रतिनिधि का प्रस्तावित कार्यक्रम जेएनयूएसयू के विरोध के बाद रद्द कर दिया गया। छात्र संघ ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए परिसर में धार्मिक संस्था के व्याख्यान का विरोध किया था।
JNU में इस्कॉन के कार्यक्रम पर जेएनयूएसयू की आपत्ति
नयी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में शुक्रवार को छात्र संघ (JNUSU) ने केंद्रीय पुस्तकालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) के एक प्रतिनिधि के प्रस्तावित कार्यक्रम के खिलाफ था। छात्र संघ के भारी विरोध के कारण अंततः इस कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा।
एम्पॉवरिंग यूथ विषय पर होना था व्याख्यान
साझा किए गए पोस्टरों और जानकारियों के मुताबिक, केंद्रीय पुस्तकालय में ‘एम्पॉवरिंग यूथ फॉर ए ब्राइटर फ्यूचर’ शीर्षक से एक सत्र आयोजित किया जाना था। इसमें “ईक्यू, आईक्यू और एसक्यू में संतुलन” विषय पर व्याख्यान होना तय हुआ था, जिसमें इस्कॉन के वक्ता प्रतिनिधि को शामिल होना था।
विश्वविद्यालय नियमों का हवाला देकर दिया गया पत्र
जेएनयूएसयू के महासचिव सुनील यादव ने जानकारी दी कि इससे पूर्व नवंबर 2025 में भी प्रशासन को पत्र भेजकर परिसर में इस्कॉन को भगवद गीता आधारित कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति पर आपत्ति जताई गई थी।
छात्र संघ ने 30 नवंबर 2025 को कुलपति को भेजे ईमेल में विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लेख किया था। नियमों के अनुसार यह सुविधा किसी भी राजनीतिक या धार्मिक संगठन को उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है। इसी आधार पर प्रशासन से तय मानकों का पालन करने का आग्रह किया गया था।
