महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत भवन में आयोजित “जन संवाद” कार्यक्रम में डीएसपी पूजा कुमारी के नेतृत्व में ग्रामीणों को अपराध-मुक्त समाज बनाने का संकल्प दिलाया गया। इस जागरूकता बैठक में पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आए महिला-पुरुषों को साइबर ठगी, नशा, दहेज और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक किया।
ओरसा में ‘जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन, समस्याओं पर हुई खुलकर चर्चा
महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत भवन में पुलिस और प्रशासन की उपस्थिति में एक भव्य “जन संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएसपी पूजा कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष जागरूकता बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर खुलकर चर्चा करना और उनके त्वरित समाधान का रास्ता निकालना था।
इस महत्वपूर्ण बैठक में महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार, महिला थाना प्रभारी सुशीला केशरी, मुखिया अमृता देवी और स्थानीय ग्राम प्रधान मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल में हिस्सा लेने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ओरसा पंचायत भवन पहुंचे।
“अपराध नहीं, अब जागरूकता चलेगी” — डीएसपी पूजा कुमारी
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डीएसपी पूजा कुमारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का कार्य केवल केस दर्ज करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस का असली मकसद नागरिकों को जागरूक करके अपराध को घटित होने से पहले ही रोकना है। बैठक के दौरान डीएसपी ने उपस्थित सभी ग्रामीणों को अपने-अपने क्षेत्र को अपराध-मुक्त गांव बनाने का दृढ़ संकल्प भी दिलाया।
विभिन्न ज्वलंत और सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा
इस जन संवाद कार्यक्रम के दौरान समाज में फैले विभिन्न गंभीर और ज्वलंत मुद्दों पर कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए विस्तार से बात की गई:
- घरेलू और सामाजिक मुद्दे: दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और बाल विवाह जैसे मामलों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके साथ ही मानव तस्करी और डायन प्रथा जैसी अमानवीय कुप्रथाओं को समाज से जड़ से मिटाने का आह्वान किया गया।
- नशा उन्मूलन: क्षेत्र में अवैध जावा-महुआ शराब के निर्माण और उसकी बिक्री पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की कड़ी चेतावनी दी गई।
- सुरक्षा और विवाद: सड़क सुरक्षा के नियमों, नशा उन्मूलन के प्रयासों और जमीन से जुड़े विवादों के शांतिपूर्ण निपटारे के उपायों पर चर्चा हुई।
- आपातकालीन सहायता: आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए हर नागरिक को अपने मोबाइल में आपात सेवा नंबर ‘Dial-112’ को अनिवार्य रूप से सहेजने (सेव करने) की अपील की गई।
सरकारी योजनाओं की अड़चनें हुईं दूर और लगा मेडिकल कैंप
इस विशेष चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को मिल रही सरकारी योजनाओं में आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को भी दूर करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही, बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से राहत देने के लिए एक विशेष मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया। इस कैंप में आए 200 से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया और स्वास्थ्य जांच के बाद दवाइयां दी गईं। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि समाज सुधार और सुरक्षा से जुड़ी यह मुहिम अब गांव-गांव तक जाएगी।
