इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने eMudhra के डिजिटल सर्टिफिकेट इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सुरक्षा मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लिया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि भारत में विनियमित डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र (DSC) और ई-साइन सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
MeitY ने eMudhra सर्टिफिकेट सुरक्षा मामले की जांच के लिए बनाई विशेष टीम
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने eMudhra के डिजिटल सर्टिफिकेट इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सुरक्षा मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसके चलते प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों ने ऑनलाइन सुरक्षा चिंताओं के कारण प्रभावित सर्टिफिकेट्स को ब्लॉक कर दिया है।
मंत्रालय ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि भारत में विनियमित डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र (DSC) और ई-साइन सेवाएं पूरी तरह से अप्रभावित हैं।
eMudhra और सुरक्षा खामी की पृष्ठभूमि
बेंगलुरु स्थित eMudhra एक लिस्टेड डिजिटल आइडेंटिटी और साइबर सुरक्षा समाधान कंपनी है, जो व्यवसायों, वित्तीय संस्थानों और सरकारों को डिजिटल हस्ताक्षर, इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणीकरण और सुरक्षा प्रमाणपत्र प्रदान करती है। इसकी सेवाएं व्यक्तियों और कंपनियों को डिजिटल रूप से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने, पहचान सत्यापित करने और ऑनलाइन लेनदेन व संचार को सुरक्षित करने में सक्षम बनाती हैं।
यह मामला eMudhra के ग्लोबल पब्लिक की इन्फ्रास्ट्रक्चर (PKI) के तहत जारी किए गए आठ इंटरमीडिएट डिजिटल सर्टिफिकेट्स से जुड़ा है, जिसका उपयोग वेबसाइटों की पहचान सत्यापित करने और सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन स्थापित करने के लिए किया जाता है। यह सुरक्षा खामी 17 अक्टूबर को सामने आई, जब एक शोधकर्ता ने गूगल और अन्य प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों को सचेत किया कि इन आठ सर्टिफिकेट्स से जुड़ी प्राइवेट कीज़ (Private Keys) असुरक्षित थीं।
