पटना हाई कोर्ट: विदेशी शरणार्थी मामले में MHA और बिहार के मुख्य सचिव समन

पटना हाई कोर्ट ने विदेशी शरणार्थी मामले में गृह मंत्रालय और बिहार के मुख्य सचिव को समन भेजा

पटना: ETV भारत इंग्लिश टीम। पटना उच्च न्यायालय ने एक विदेशी शरणार्थी को अदालत के आदेश के बावजूद जेल से रिहा न करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव, बिहार के मुख्य सचिव और राज्य के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति जी अनुपमा चक्रवर्ती की पीठ ने सभी अधिकारियों को 28 सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया।

अदालती आदेश के बावजूद रिहाई न होने पर हाई कोर्ट सख्त

पटना उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को तलब किया है। मामला अररिया जेल में बंद एक विदेशी नागरिक से जुड़ा है, जिसे वर्ष 2018 में जोगबनी पुलिस थाना कांड संख्या 246/2018 के तहत भादंवि (IPC) की धारा 420 और विदेशी अधिनियम की धारा 14A के तहत निरूद्ध किया गया था।

2019 में केंद्र सरकार ने दिया था नेपाल भेजने का आश्वासन

याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को आश्वस्त किया था कि उसे विदेशी नागरिक स्वीकार करते हुए नेपाल जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके बावजूद उसे रिहा नहीं किया गया, जिसके बाद वर्ष 2021 में उसने अपनी रिहाई के लिए पटना उच्च न्यायालय में पुन: याचिका दायर की।

संयुक्त राष्ट्र से मान्यता प्राप्त शरणार्थी हैं भाई-बहन

याचिकाकर्ता की बहन ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि दोनों भाई-बहन संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा मान्यता प्राप्त शरणार्थी हैं और वह वर्तमान में काठमांडू में रह रही है।

उन्होंने बताया कि भारत या नेपाल की नागरिकता न होने के कारण वह अदालत में हलफनामा दाखिल करने के लिए भारत की यात्रा करने में असमर्थ है। बहन ने अदालत से अनुरोध किया है कि यदि भारत सरकार उसके भाई को नेपाल सीमा पर लाकर सौंप देती है, तो वह उसे अपने साथ ले जाएगी।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *