पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को भेंट की भारतीय चीज़ और कश्मीरी नक्काशी

नई दिल्ली में स्विस राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन को उपहार भेंट करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन को तीन विशेष पुरस्कार विजेता भारतीय चीज़—गुलमर्ग, कोणार्क और येओर—तथा हाथ से नक्काशीदार कश्मीरी अखरोट की लकड़ी का वॉल पैनल भेंट किया। इस उपहार के जरिए भारत की समृद्ध हस्तकला और उभरती चीज़ निर्माण परंपरा का प्रदर्शन किया गया।

पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को दिए विशेष उपहार: कश्मीरी नक्काशी और भारतीय चीज़ शामिल

नई दिल्ली (भारत मंथन लाइव न्यूज़): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर आए स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन से द्विपक्षीय मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को भारत की समृद्ध हस्तकला और आधुनिक खाद्य संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेष उपहार भेंट किए। उपहारों में तीन विशेष भारतीय चीज़ किस्मों—गुलमर्ग, कोणार्क और येओर के साथ-साथ हाथ से तराशा गया कश्मीरी अखरोट की लकड़ी का वॉल पैनल शामिल था।

स्विट्जरलैंड दुनिया भर में अपने उच्च गुणवत्ता वाले चीज़ के लिए प्रसिद्ध है, ऐसे में पीएम मोदी द्वारा दिए गए ये उपहार भारत की बढ़ती चीज़ निर्माण क्षमता की एक अनूठी झलक पेश करते हैं। राष्ट्रपति पार्मेलिन की यह पहली भारत राजकीय यात्रा है, हालांकि इससे पूर्व वे इस वर्ष फरवरी में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट में भाग लेने भारत आ चुके हैं।

विश्व स्तर पर पुरस्कार जीत चुकी हैं ये तीन भारतीय चीज़

प्रधानमंत्री द्वारा स्विस राष्ट्रपति को दी गई चीज़ की तीनों किस्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी हैं:

  • गुलमर्ग चीज़: यह फ्रेंच-शैली का दिल के आकार वाला ‘ब्री’ (Brie) चीज़ है, जिसे पाश्चुरीकृत गाय के दूध से तैयार किया जाता है। इसे वर्ष 2026 में ब्राजील में आयोजित ‘मुंडियाल डो केइजो डो ब्राजील’ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ‘सुपर गोल्ड’ पुरस्कार मिला है।
  • कोणार्क चीज़: यह फ्रेंच टॉमे-शैली का चीज़ है, जो अपने सौम्य स्वाद और नीबू जैसे फिनिश के लिए जाना जाता है। इसने नार्वे में आयोजित 2023 वर्ल्ड चीज़ अवॉर्ड्स में गोल्ड और 2025 में स्विट्जरलैंड में सिल्वर मेडल जीता था।
  • येओर चीज़: स्विस ग्रुयेर से प्रेरित यह माउंटेन-स्टाइल चीज़ 8 से 9 महीने में तैयार होता है। इसके बाहरी आवरण पर गुलाब की पंखुड़ियों और सौंफ की सजावट इसे एक विशिष्ट इंडो-अल्पाइन पहचान देती है।

गुजरात की शिल्प कला का भी दिया गया उपहार

द्विपक्षीय बैठक के दौरान स्विस राष्ट्रपति की पत्नी कैरोलिन के लिए भी विशेष उपहार दिया गया। उन्हें सादेली बॉक्स (Sadeli Box) में रखी गई कच्छी शॉल भेंट की गई, जो गुजरात की समृद्ध बुनाई परंपरा और पारंपरिक शिल्प कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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