राम मंदिर दान गबन मामला: SIT जांच में कुम्भ 2025 की हेराफेरी का खुलासा

राम मंदिर दान गबन मामले की जांच में जुटी एसआईटी और बरामद कैश।

राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के अनुसार, सबसे अधिक धन की कथित हेराफेरी वर्ष 2025 के कुम्भ मेले के दौरान की गई थी। इस मामले में पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

राम मंदिर दान गबन मामला: SIT जांच में हुआ बड़ा खुलासा, कुम्भ 2025 के दौरान हुई थी सबसे बड़ी हेराफेरी

नई दिल्ली: राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि सबसे अधिक धन की कथित हेराफेरी वर्ष 2025 के कुम्भ मेले के दौरान हुई थी, जब मंदिर में दान और चढ़ावे में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ तिन्नू यादव शामिल हैं। इन सभी पर मिलकर मंदिर के दान काउंटर से धन की हेराफेरी करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।

लव कुश और अनुकल्प मिश्रा के नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों की जांच तेज

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में सबसे अधिक संपत्ति और निवेश लव कुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा से जुड़े नेटवर्क में पाया गया है। इन दोनों पर कथित रूप से अवैध धन के जरिए कई संपत्तियां खरीदने का आरोप लगा है। जांच टीम ने अब तक इनकी आधा दर्जन से अधिक संपत्तियों का पता लगाया है।

इस वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच के लिए आयकर विभाग को भी सूचित किया गया है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की सिफारिश की तैयारी भी की जा रही है।

गोबर के नीचे छिपाए थे लाखो रुपये, आरोपियों के ठिकानों से भारी कैश बरामद

भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, पुलिस ने बताया कि मामले में सबसे अधिक नकद बरामदगी अविनाश शुक्ला से जुड़े ठिकानों से हुई है। एफआईआर दर्ज होने से पहले ही उनकी जानकारी के आधार पर करीब 89 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि उनके परिवार से जुड़े एक योग केंद्र पर की गई छापेमारी में लगभग 5 लाख रुपये मिले।

जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी लव कुश मिश्रा के घर पर 12 लाख रुपये नकद गोबर के नीचे छिपाकर रखे गए थे। उन पर महज 12,000 रुपये मासिक आय होने के बावजूद बड़े पैमाने पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। वर्तमान में उनके बैंक खातों और संभावित बेनामी संपत्तियों की जांच जारी है। इसके अलावा, मनीष कुमार यादव के घर से लगभग 36 लाख रुपये और रामशंकर यादव उर्फ तिन्नू यादव के घर से भी नकद, जेवरात तथा संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

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