रांची पुलिस ने 20 अप्रैल 2026 को झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में पटना में कई ठिकानों पर छापेमारी की। फरार आरोपियों की तलाश में की गई इस कार्रवाई में कई संदिग्धों से पूछताछ हुई, जबकि मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
रांची पेपर लीक केस: पटना में ताबड़तोड़ छापेमारी
झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में फरार माफियाओं की तलाश में रांची पुलिस ने पटना में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। रविवार को पुलिस टीम ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी, जिससे इलाके में हलचल मच गई।
पुलिस ने बुद्धा कॉलोनी स्थित बाबा लॉज, बोरिंग रोड के एक अपार्टमेंट और मालसलामी इलाके में कार्रवाई की। देर रात तक अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी जारी रही।
संदिग्धों से पूछताछ, मुख्य आरोपी फरार
कार्रवाई के दौरान बाबा लॉज में मौजूद कुछ युवकों से पूछताछ की गई, लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सके। पुलिस को सूचना मिली थी कि मालसलामी निवासी अभिषेक उर्फ छोटू पटना में छिपा हुआ है।
जांच में यह भी सामने आया कि अभिषेक का ठिकाना बाबा लॉज ही था, जिसके आधार पर पुलिस ने वहां दबिश दी।
नर्सिंग कॉलेज में पहले भी हुई कार्रवाई
11 अप्रैल की रात तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में भी पुलिस ने छापेमारी की थी। उस दौरान अभिषेक उर्फ छोटू और उसका सहयोगी सोनू मौके पर मौजूद थे।
बताया गया कि पुलिस की भनक लगते ही अभिषेक ने शोर मचा दिया, जिससे कई आरोपी मौके से फरार हो गए। उस कार्रवाई में पुलिस ने 7 परीक्षा माफियाओं और 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था, जहां उन्हें प्रश्नपत्र और उत्तर याद कराए जा रहे थे।
मास्टरमाइंड जेल में, नेटवर्क का विस्तार
इस मामले का मास्टरमाइंड जहानाबाद निवासी अतुल वत्स बताया जा रहा है, जो फिलहाल रांची जेल में बंद है। अभिषेक उसका करीबी सहयोगी है, जबकि सोनू को उसका ड्राइवर बताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए अतुल ने पटना सिटी के चुनचुन यादव से संपर्क किया था। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए विकास नामक व्यक्ति ने प्रश्नपत्र भेजा था।
चुनचुन यादव को रांची पुलिस पहले ही पटना से गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि विकास अब भी फरार है।
कई जिलों और राज्यों तक फैला नेटवर्क
जांच में कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें पटना सिटी के अभिषेक सिन्हा, गया के गौरव, जहानाबाद के सोनू और मनीष, नवादा के कृष्णा और दानापुर के फिरोज शामिल हैं।
बताया गया कि इनमें से कुछ आरोपी घटना के दिन रांची में भी मौजूद थे। हालांकि बरामद प्रश्नपत्र का मिलान अब तक असली प्रश्नपत्र से नहीं हो पाया है, जिससे जांच और जटिल हो गई है।
पटना पुलिस की भी तैयारी
अतुल वत्स के खिलाफ पटना के बुद्धा कॉलोनी, दानापुर और एसके पुरी थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस पिछले छह वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी।
अब पटना पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रांची पुलिस ने उसका पूरा आपराधिक रिकॉर्ड पटना पुलिस को सौंप दिया है। फिलहाल रांची पुलिस की टीमें पटना में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
