रांची स्थित झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) में शुक्रवार को एक उपचाराधीन मरीज विवेक कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अस्पताल के मनोरोग विभाग में नशा मुक्ति के लिए भर्ती था। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
रिम्स के मनोरोग विभाग में दुखद घटना, नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था मरीज
रांची: झारखंड के प्रतिष्ठित रिम्स अस्पताल से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शुक्रवार को एक मरीज ने विभाग के भीतर ही फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान विवेक कुमार के रूप में हुई है, जो लंबे समय से नशे की गंभीर लत से जूझ रहा था।
विवेक कुमार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और काउंसलिंग के लिए रिम्स के मनोरोग विभाग में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही रिम्स प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक विवेक कुमार की मृत्यु हो चुकी थी। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, घटना के बाद वार्ड के भीतर तनावपूर्ण माहौल देखा गया।
सूचना मिलने पर रांची पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
सुरक्षा और निगरानी पर उठ रहे सवाल
अस्पताल के मनोरोग विभाग जैसे संवेदनशील वार्ड में जहां मरीज की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं होती, वहां ऐसी घटना का होना सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मरीज के पास फंदा लगाने के लिए सामग्री कहां से आई और उस समय वहां मौजूद स्टाफ कहां था। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही है।
