रांची नगर निगम ने शनिवार को भूसुर और डिबडीह नदी का निरीक्षण कर नदियों की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अधिकारियों को गाद निकालने, अवैध निर्माणों को चिन्हित कर हटाने और सीधे नदी में ड्रेनेज का पानी छोड़ने वाले भवनों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है।
रांची नगर निगम ने भूसुर और डिबडीह नदी का किया निरीक्षण
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में नदियों के संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए रांची नगर निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार, 13 जून 2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने वार्ड 43 स्थित भूसुर नदी और वार्ड 36 स्थित डिबडीह नदी का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान नदियों में जमी गाद, जलकुंभी, अवैध निर्माण और भवनों से निकलने वाले ड्रेनेज की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर यह बात सामने आई कि कई स्थानों पर ठोस और तरल अपशिष्ट सीधे नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है, जिससे जल प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
गाद निकासी और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जेसीबी और मैनुअल माध्यमों का उपयोग कर नदियों से गाद निकासी के कार्य में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही जलकुंभी हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। नगर आयुक्त ने नदी किनारे हुए सभी अतिक्रमणों की पहचान कर अवैध संरचनाओं को हटाने के आदेश दिए हैं।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि झारखंड बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करने वाले भवनों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिन भवनों का ड्रेनेज सीधे नदी या मुख्य सड़क पर छोड़ा जा रहा है, उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
बड़गाई चौक से बूटी स्कूल तक हटा अतिक्रमण
नदियों के निरीक्षण के साथ-साथ रांची नगर निगम ने शनिवार को वार्ड 5 के अंतर्गत आने वाले बड़गाई चौक से बूटी स्कूल तक मुख्य मार्ग पर विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी लगभग 10 दुकानों, शेडयुक्त ढांचों और अन्य अस्थायी अतिक्रमणों को पूरी तरह से हटा दिया गया।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से पहले संबंधित भूमि की उचित मापी की गई थी और अतिक्रमणकारियों को स्वयं अवैध ढांचा हटाने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद ही निगम द्वारा यह कदम उठाया गया।
मानसून से पहले जल निकासी को दुरुस्त करना प्राथमिकता
नगर आयुक्त ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए नदियों का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करना और शहर की जल निकासी व्यवस्था को बनाए रखना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अतिक्रमण और प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
