रांची रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अलग-अलग अभियानों के तहत तीन बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया। आरपीएफ ने रांची स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिर रही महिला को बचाया, हटिया में अवैध शराब जब्त की और लोहरदगा में मानसिक तनाव के चलते ट्रेन से कूदी नाबालिग का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रांची रेल मंडल में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: तीन अलग-अलग अभियानों में मिली सफलता
रांची: रांची रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यात्री सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, सुरक्षा बल ने तत्परता दिखाते हुए जहां रांची रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री की जान बचाई, वहीं हटिया स्टेशन पर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। इसके अलावा, लोहरदगा स्टेशन पर चलती ट्रेन से कूदने वाली एक नाबालिग लड़की का सुरक्षित रेस्क्यू भी किया गया।
पहली घटना रांची रेलवे स्टेशन की है, जहां इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस के प्रस्थान के समय एक महिला यात्री चलती हुई ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान अचानक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में गिरने लगी। वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल रूपेश कुमार गुप्ता ने तत्परता दिखाते हुए महिला को तुरंत खींचकर बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच गई। महिला पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
ऑपरेशन सतर्क के तहत हटिया स्टेशन पर अवैध शराब बरामद
आरपीएफ ने हटिया रेलवे स्टेशन पर ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत चलाए गए जांच अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की। ट्रेन संख्या 18624 के एसी कोच में चेकिंग के दौरान सुरक्षा बल को दो लावारिस बैग मिले। संदेह होने पर जब बैगों की तलाशी ली गई, तो उनके भीतर से कुल 44 बोतल अवैध शराब बरामद की गई।
बरामद की गई इस अवैध शराब की अनुमानित कीमत ₹43,600 आंकी गई है। मौके पर किसी भी यात्री द्वारा इन बैगों पर अपना दावा पेश नहीं करने के बाद, आरपीएफ ने नियमानुसार शराब को जब्त कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे उत्पाद विभाग को सौंप दिया।
लोहरदगा में ट्रेन से कूदी नाबालिग को आरपीएफ ने बचाया
तीसरी संवेदनशील घटना लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर सामने आई, जहां चोपन-रांची एक्सप्रेस से एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की चलती ट्रेन से नीचे कूद गई। इस घटना में वह घायल हो गई, जिसे आरपीएफ की टीम ने तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया।
पूछताछ के दौरान नाबालिग बालिका ने खुलासा किया कि परिवार और स्कूल में मिली डांट-फटकार से परेशान होकर वह अपने घर से भाग निकली थी। अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण उसने चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। अस्पताल में उचित उपचार कराने और बाल कल्याण समिति की सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आरपीएफ ने सुरक्षित रूप से बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
