रांची के गढ़ाटोली शांतिनगर इलाके में बुधवार, 27 मई 2026 को एक 22 वर्षीय आईटीआई छात्र ने ग्रुप वीडियो कॉल के दौरान कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। वायरल फुटेज के आधार पर मृतक के परिजनों ने उसकी प्रेमिका और कुछ दोस्तों पर मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप लगाया है।
रांची के गढ़ाटोली में सनसनी: ग्रुप वीडियो कॉल के दौरान छात्र की मौत
रांची: राजधानी रांची के गढ़ाटोली शांतिनगर इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 22 वर्षीय युवक ने लाइव ग्रुप वीडियो कॉल के दौरान कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद, मृतक के परिजनों ने उसकी प्रेमिका और कुछ दोस्तों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने और आत्महत्या के लिए उकसाने का संगीन आरोप लगाया है।
मृतक की पहचान सिल्ली निवासी नीतीश प्रमाणिक के रूप में की गई है। नीतीश रांची में रहकर अपनी आईटीआई (ITI) की पढ़ाई कर रहा था और इसके साथ ही वह अपना खर्च चलाने के लिए पार्ट-टाइम काम भी करता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह अपने कमरे में बिल्कुल अकेला था और उसी दौरान उसने कुछ परिचितों को ग्रुप वीडियो कॉल पर जोड़ रखा था।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब लाइव वीडियो कॉल की रिकॉर्ड की गई फुटेज परिचितों के बीच और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने लगी। इसके बाद ही पीड़ित परिवार को इस भयानक त्रासदी की जानकारी मिली।
पुलिस प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती कानूनी कार्रवाई
- यूडी केस दर्ज: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए प्रारंभिक तौर पर अस्वाभाविक मौत (यूडी) का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
- डिजिटल साक्ष्यों की जांच: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की जांच में वायरल हो रहे वीडियो फुटेज और उपलब्ध सभी डिजिटल साक्ष्यों को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
परिजनों और ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि वीडियो कॉल के दौरान जुड़े कुछ लोगों ने युवक को गंभीर रूप से मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया और उसे यह आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस वायरल क्लिप की गहनता से तकनीकी जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की तहकीकात सक्रियता से जारी है। जांच के दौरान मिलने वाले ठोस सबूतों, डिजिटल फुटेज और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की वास्तविक पुष्टि पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही हो सकेगी।
