रिम्स-2 विवाद पर चंपई सोरेन का बड़ा बयान
रांची में रिम्स-2 परियोजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व मंत्री चंपई सोरेन ने सरकार पर निशाना साधते हुए बड़े जनांदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 दिनों के भीतर लाखों आदिवासी सड़क पर उतरेंगे और सरकार को व्यापक जनआंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
चंपई सोरेन ने कहा कि राज्यभर के आदिवासी समाज का ऐसा जुटान होगा, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होगी।
सरकार को जनआंदोलन का सामना करने की चेतावनी
रिम्स-2 निर्माण को लेकर चल रहे विरोध के संदर्भ में चंपई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी जमीन और अधिकारों के मुद्दे पर एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को लेकर गांव-गांव में संदेश पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की तैयारी व्यापक स्तर पर की जा रही है और समाज के लोग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
गांव-गांव में पहुंचाया जाएगा संदेश
चंपई सोरेन ने कहा कि गांव-गांव में डुगडुगी बजाकर लोगों को आंदोलन के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव से एक-एक मुट्ठी चावल और 10 रुपये एकत्रित कर आंदोलन का संदेश फैलाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवान भी किसान, मजदूर और आदिवासी परिवारों से आते हैं, इसलिए इस मुद्दे को समाज से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
रिम्स-2 परियोजना को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
रिम्स-2 परियोजना को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। चंपई सोरेन के इस बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
