सहरसा में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित बिहार पुलिस दूर संचार संवर्ग की लिखित परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अवैध तरीके से परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित बिहार पुलिस दूर संचार संवर्ग की लिखित परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। सहरसा के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा में अभ्यर्थियों को अवैध और अनुचित तरीके से पास कराने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किया गया यह गिरोह सीधे भोले-भाले अभ्यर्थियों को अपना निशाना बनाता था। यह गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से 6 से 7 लाख रुपये की बड़ी रकम लेकर उन्हें परीक्षा में अनुचित तरीके से पास कराने का झांसा देता था।
मूल प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक रखकर देते थे झांसा
इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए गिरोह के सदस्य गारंटी के तौर पर अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और उनके द्वारा हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक (हस्ताक्षर किए हुए खाली चेक) अपने पास जमा रख लेते थे। इसके पश्चात गिरोह के सदस्य विभिन्न अनैतिक माध्यमों का उपयोग कर परीक्षा के उत्तर उपलब्ध कराने का प्रयास करते थे।
पटना पुलिस से मिली एक गुप्त सूचना और इनपुट के आधार पर सहरसा पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के हृदयपुर हॉल्ट के समीप सघन छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड), परीक्षा से जुड़े अन्य गोपनीय दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी बरामद किए हैं।
BNS और बिहार लोक परीक्षा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज
इस बड़े फर्जीवाड़े के संबंध में सहरसा के सदर थाना में कांड संख्या 737/26 दिनांक 28 जून 2026 के तहत कानूनी मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की विभिन्न सुसंगत धाराओं तथा बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कड़ी प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
- चंदन कुमार (निवासी: बनमा इटहरी, सहरसा)
- चंदन कुमार (निवासी: सदर, सहरसा)
- विवेक कुमार (निवासी: बनगांव, सहरसा)
- कुन्दन कमल उर्फ श्याम (निवासी: सलखुआ, सहरसा)
- प्रमोद प्रजापति (निवासी: चौक बाजार, गया)
पुलिस इस मामले के छठे आरोपी और गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों के बारे में गहन पूछताछ और तफ्तीश कर रही है। इस परीक्षा घोटाले तथा बिहार-झारखंड के अन्य सभी मुख्य समाचारों की सबसे सटीक और प्रामाणिक रिपोर्टिंग के लिए भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) के साथ निरंतर बने रहें।
