महाराष्ट्र के मुंबई में छह सांसदों के पाला बदलने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के 14 विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ एक अज्ञात स्थान पर गुप्त बैठक करने की खबरें सामने आई हैं। ‘ऑपरेशन टाइगर 3’ के तहत कयास लगाए जा रहे हैं कि यह गुट आगामी दो से तीन महीनों में अलग हो सकता है।
‘ऑपरेशन टाइगर 3’ की चर्चाओं से महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी
मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद अब विधायकों के भी पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नजर अब उद्धव ठाकरे गुट के विधायकों पर है, जिसे ‘ऑपरेशन टाइगर 3’ का नाम दिया जा रहा है। भारत मंथन लाइव न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को एकनाथ शिंदे के विधायी कार्यवाही से अनुपस्थित रहने के पीछे भी इन्हीं राजनीतिक घटनाक्रमों को मुख्य वजह माना जा रहा है।
14 विधायकों की गुप्त बैठक की रिपोर्ट
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, ठाकरे गुट के कुल 20 विधायकों में से कम से कम 14 विधायकों ने बुधवार को एक अज्ञात स्थान पर एकनाथ शिंदे के साथ एक गुप्त बैठक की। इस कथित बैठक के बाद से ही राज्य की राजनीति में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में अविभाजित शिवसेना को अलग करने के दौरान ‘ऑपरेशन टाइगर 1’ और हाल ही में छह सांसदों के पाला बदलने के समय ‘ऑपरेशन टाइगर 2’ की चर्चा हुई थी।
दो-तिहाई बहुमत और 14 विधायकों का महत्व
शिवसेना (यूबीटी) के पास वर्तमान में कुल 20 विधायक हैं। दल-बदल कानून और तकनीकी पहलुओं के लिहाज से 14 से 15 विधायकों का आंकड़ा बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जो कुल संख्या का दो-तिहाई हिस्सा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस संख्या बल के आधार पर अगले दो से तीन महीनों के भीतर एक अलग गुट बनाने की तैयारी चल रही है। सांसदों के जाने से उपजे असंतोष के शांत होने के बाद इन विधायकों द्वारा आधिकारिक तौर पर अलग होने की संभावना जताई जा रही है।
दूसरी ओर, शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के भीतर पदाधिकारी और कार्यकर्ता वर्तमान रुख से असंतुष्ट हैं और बड़ी संख्या में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व के साथ जुड़ रहे हैं।
