शिवपुरी-कठौतिया रेल परियोजना में अवैध मिट्टी खनन पर ईडी जांच की मांग तेज

शिवपुरी-कठौतिया रेल परियोजना के टंडवा और सिमरिया क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन का स्थल।

शिवपुरी-कठौतिया रेल परियोजना के तहत टंडवा और सिमरिया क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग तेज कर दी है।

टंडवा और सिमरिया क्षेत्र में रेल परियोजना पर बढ़ा विवाद

शिवपुरी-कठौतिया रेल परियोजना के अंतर्गत टंडवा और सिमरिया क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान कथित अवैध मिट्टी खनन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रेलवे निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी का खनन किया गया और इससे जुड़े आर्थिक लेन-देन में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। कथित अवैध कमाई के बंटवारे को लेकर पक्षों में उपजे विवाद के बाद कई दावे सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की उठ रही मांग

मामले को लेकर क्षेत्र में टंडवा थाना कांड संख्या 103/26 तथा चतरा सदर थाना कांड संख्या 226/26 की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों और संगठनों का दावा है कि यदि इन दर्ज मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाती है, तो अवैध खनन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई बड़े तथ्यों का खुलासा हो सकता है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, परियोजना से जुड़ी कुछ कंपनियों की भूमिका पहले भी विवादों में रही है, जहां एक पक्ष पर कार्रवाई के बाद अन्य एजेंसियों से काम जारी रखा गया।

जिला खनन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

इस पूरे विवाद में जिला खनन विभाग (डीएमओ) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ पक्षों का आरोप है कि पुराने मामलों का हवाला देकर वर्तमान में लगे आरोपों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों पर समय रहते प्रभावी कदम न उठाने के आरोप भी लग रहे हैं। हालांकि, संबंधित कंपनियों, विभागीय अधिकारियों या स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

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