नई दिल्ली में 8 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एलन मस्क के दावे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने पांच साल से भारतीय नियमों का पालन करने के बावजूद स्टारलिंक को व्यावसायिक लाइसेंस न मिलने पर सवाल उठाए थे, जिस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया।
एलन मस्क ने लाइसेंस में देरी पर उठाए सवाल
स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि उनकी सैटेलाइट संचार कंपनी स्टारलिंक पिछले पांच सालों से भारत सरकार के सभी नियमों और शर्तों का पूरी तरह पालन कर रही है। इसके बावजूद कंपनी को भारत में व्यावसायिक संचालन का लाइसेंस अब तक नहीं मिला है।
एलन मस्क ने एक पोस्ट में लिखा कि स्टारलिंक 165 से अधिक देशों में लाइसेंस प्राप्त है। उन्होंने सवाल उठाया कि सब नियमों के पालन के बाद भी भारत में लाइसेंस क्यों नहीं मिला और पूछा कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और एकाधिकार का आरोप
एलन मस्क के इस पोस्ट का जवाब देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लिखा, “भारत में आपका स्वागत है, एलन। जब तक आप दूसरे व्यक्ति के बारे में नहीं जान लेते, तब तक इंतजार करें।”
इससे पहले एक अन्य पोस्ट के जवाब में मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ एकाधिकारवादी घराने स्टारलिंक का रास्ता रोक रहे हैं। उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पर अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए कुछ ब्लॉकर्स द्वारा स्टारलिंक को रोका जा रहा है, जो भारत की जनता के खिलाफ एक अपराध है।
संचार मंत्रालय का स्पष्टीकरण
संचार मंत्रालय ने एलन मस्क के इन दावों का खंडन किया है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने सैटेलाइट संचार सेवाओं सहित सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए एक निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण ढांचा तैयार किया है।
मंत्रालय के अनुसार, गैर-जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट ऑर्बिट आधारित संचार के तहत तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए गए हैं। नियम और शर्तों के तहत प्रत्येक लाइसेंसधारी को सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन साबित करना अनिवार्य होता है।
स्टारलिंक का भारतीय बाजार में निवेश
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रायर ने बताया कि कंपनी ने भारत के लिए विशेष सुरक्षा नियंत्रण विकसित किए हैं। कंपनी ने भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा को भारत के भीतर ही रखने की व्यवस्था की है।
लॉरेन ड्रायर ने कहा कि स्टारलिंक ने 20 गेटवे साइट्स और सैकड़ों एंटेना सहित भारत में आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से भारतीय नियामकों और हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट (300 शब्द)
नई दिल्ली में स्टारलिंक के लाइसेंस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने आरोप लगाया है कि पांच साल से सभी भारतीय कानूनों और सुरक्षा शर्तों का पालन करने के बावजूद स्टारलिंक को भारत में व्यावसायिक संचालन का लाइसेंस नहीं मिल रहा है।
मस्क ने X (ट्विटर) पर सवाल उठाते हुए लिखा कि स्टारलिंक दुनिया के 165 से अधिक देशों में स्वीकृत है, लेकिन भारत में इसे रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ एकाधिकारवादी शक्तियां भारतीय जनता पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए कंपनी का रास्ता रोक रही हैं।
इस पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मस्क के पोस्ट पर तंज कसते हुए लिखा, “भारत में आपका स्वागत है, एलन। जब तक आप दूसरे व्यक्ति के बारे में नहीं जान लेते, तब तक इंतजार करें।”
दूसरी ओर, संचार मंत्रालय ने एलन मस्क के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार का कहना है कि दूरसंचार और सैटेलाइट सेवाओं के लिए एक पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण नियम व्यवस्था मौजूद है, जहां सुरक्षा मानकों का पालन करना हर कंपनी के लिए अनिवार्य है। वहीं, स्टारलिंक की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रायर ने बताया कि कंपनी ने भारत में 20 गेटवे साइट्स तैयार कर ली हैं और भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में ही सुरक्षित रहेगा।
