रायपुर के लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मण्डपम् में शिक्षक दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 67 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान राज्यपाल ने एआई के दौर में तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया, जबकि मुख्यमंत्री ने युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षकविहीन न होने की घोषणा की।
लोकभवन रायपुर में गरिमामय राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।
63 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार और 4 को स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया
समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त चार उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा भी की।
एआई के दौर में तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी: राज्यपाल रमेन डेका
राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में शिक्षकों व विद्यार्थियों को तकनीक से परिचित होना आवश्यक है, लेकिन इसका उपयोग विवेकपूर्ण और मानवीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI हमारा सहायक बने, नियंत्रक नहीं। संस्कार, संवेदना और सही दिशा केवल गुरु से ही मिल सकती है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों की काउंसलिंग और निरंतर कौशल अद्यतन पर भी जोर दिया।
युक्तियुक्तकरण के बाद अब प्रदेश में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी के निर्माता हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षा की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं रहा है। भारत मंथन लाइव न्यूज से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार का मुख्य ध्यान शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने पर है।
