तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भारी बवाल, मेयर और 16 पार्षद घायल

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एलडीएफ और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प के बाद तैनात पुलिस बल।

केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम में गुरुवार को एलडीएफ (LDF) के विरोध प्रदर्शन के दौरान माकपा (CPM) और भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस राजनीतिक टकराव में मेयर वी. वी. राजेश, डिप्टी मेयर जी. एस. आशा नाथ और एक महिला पुलिस अधिकारी सहित कम से कम 16 लोग घायल हो गए।

तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हिंसक झड़प, एलडीएफ और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़े

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा और हिंसक झड़प देखने को मिली, जब लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। इस दौरान माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक टकराव में मेयर वी. वी. राजेश, डिप्टी मेयर जी. एस. आशा नाथ, माकपा पार्षद सिंधु ससी और एक महिला पुलिस अधिकारी सहित कुल 16 लोग घायल हो गए।

दो मुख्य राजनीतिक विवादों के कारण भड़की हिंसा

नगर निगम के भीतर इस अभूतपूर्व अशांति के पीछे दो समानांतर विवाद मुख्य वजह बने हुए हैं। पहला विवाद वाझोट्टुकोनम से भाजपा पार्षद आर. सुगथन को लेकर है, जिनके खिलाफ राज्य सरकार ने केरल असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (KAAPA) के तहत कार्रवाई को मंजूरी दी है। एलडीएफ इस पर भाजपा पार्षद के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहा है।

दूसरा मामला 20 भाजपा पार्शियदों के शपथ ग्रहण से जुड़ा है। केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को ही 21 दिसंबर को हुए उनके शुरुआती शपथ ग्रहण समारोह को खारिज कर दिया था। माकपा संसदीय दल के नेता एस. पी. दीपक की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना कि वह समारोह स्थानीय निकाय की तय प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं था।

मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग

अदालती आदेश के बाद बुधवार को भाजपा पार्षदों ने दोबारा शपथ तो ले ली, लेकिन एलडीएफ का तर्क है कि मूल शपथ के अमान्य होने से मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समितियों के चुनाव सहित निगम के सभी पिछले निर्णयों पर कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं। इस वजह से विपक्ष अब इन सभी पदों के लिए नए सिरे से चुनाव कराने की मांग कर रहा है। यह रिपोर्ट भारत मंथन लाइव न्यूज द्वारा तैयार की गई है।

पुलिस सुरक्षा के बीच कार्यालय में घुसे मेयर; अस्पताल में भर्ती हुए घायल

तनाव उस समय और बढ़ गया जब मेयर वी. वी. राजेश और डिप्टी मेयर जी. एस. आशा नाथ एलडीएफ की नाकेबंदी के बीच निगम कार्यालय पहुंचे। माकपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में तीखी बहस और हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस ने स्थिति को संभालने और दोनों गुटों को अलग करने का प्रयास किया, लेकिन धक्का-मुक्की और तेज हो गई। आखिरकार पुलिस सुरक्षा में मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय के अंदर जा सके। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, पैर में चोट लगने के कारण मेयर राजेश और डिप्टी मेयर आशा को चिकित्सा सहायता दी गई है, जबकि कट्टाइकोनम से माकपा पार्षद सिंधु शशि सिर में गंभीर चोट के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

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