नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ₹2000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत कर लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जल्द ही एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस कदम को जनविरोधी बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की है।
UPI टैक्स के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान
कांग्रेस पार्टी ने ₹2000 से अधिक के UPI भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत कर लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ देशभर में अभियान चलाने का ऐलान किया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह निर्णय जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा। सोशल मीडिया पर अभियान की शुरुआत के बाद अब पार्टी नेता सड़कों पर उतरकर जनसमर्थन जुटाने की तैयारी कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने की तत्काल फैसले को वापस लेने की मांग
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे अमेरिकी दबाव में लिया गया फैसला करार दिया। उन्होंने सरकार से 0.4 प्रतिशत UPI कर को तुरंत रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस का मानना है कि इस निर्णय का सबसे सीधा और बुरा असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों पर पड़ेगा।
व्यापारियों से लेकर आम जनता पर पड़ेगा वित्तीय प्रभाव
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के पदाधिकारी बीएम संदीप के अनुसार, सरकार ने पहले लोगों को कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर धकेला और अब उन पर शुल्क थोपा जा रहा है। हालांकि यह टैक्स औपचारिक रूप से मर्चेंट्स पर लागू होता है, लेकिन व्यापारी इस अतिरिक्त खर्च को वस्तुओं की कीमतें बढ़ाकर अंततः उपभोक्ताओं पर ही डालेंगे, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।
