हम तभी स्वस्थ रह पाते हैं जब शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व सही मात्रा में मिलते हैं। किसी भी न्यूट्रिएंट की कमी से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, और अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये समस्याएं गंभीर रूप भी ले सकती हैं। इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर सही ढंग से काम करता रहे।
अक्सर लोग अपनी पोषण जरूरतें पूरी करने के लिए मछली, चिकन, मांस और अंडे जैसे नॉन-वेज फूड्स का सेवन करते हैं। हालांकि, हर कोई इन्हें नहीं खा सकता या खाना नहीं चाहता। कई लोग पूरी तरह शाकाहारी होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें ऐसे वेजिटेरियन विकल्प पता हों, जो नॉन-वेज की तरह ही जरूरी पोषक तत्व प्रदान कर सकें।
ऑमलेट की जगह मूंग दाल या बेसन
जो लोग अंडा नहीं खाते, वे मूंग दाल या बेसन से बना वेजिटेरियन ऑमलेट ट्राई कर सकते हैं। यह दिखने और स्वाद में ऑमलेट जैसा होता है और प्रोटीन का अच्छा स्रोत भी है।
सी-फूड की जगह खट्टे फल, बेरी, नट्स और बीज
सी-फूड से कोलेजन और कई अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। इसके विकल्प के तौर पर नींबू, संतरा, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी के साथ-साथ नट्स और सीड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। ये शरीर में कोलेजन बढ़ाने में मदद करते हैं।
रेड मीट की जगह सूखे मेवे और दालें
रेड मीट को सीमित मात्रा में ही खाना सही माना जाता है। जो लोग इसे नहीं खाते, वे बादाम, काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स और दालों का सेवन कर सकते हैं, जिससे जरूरी मिनरल्स और प्रोटीन मिलते हैं।
चिकन की जगह पनीर या टोफू
चिकन प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है, लेकिन शाकाहारी लोग पनीर और टोफू का सेवन कर सकते हैं। इनमें भरपूर प्रोटीन होता है और इन्हें कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है।
मछली की जगह चिया सीड्स, अलसी और अखरोट
मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है, जो दिल और त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद है। इसके विकल्प के रूप में चिया सीड्स, अलसी और अखरोट को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
मटन की जगह सोया चंक्स
जो लोग मटन नहीं खाते, उनके लिए सोया चंक्स बेहतरीन विकल्प हैं। इनमें उच्च मात्रा में प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो मटन के पोषण के काफी करीब माने जाते हैं।
