“बिहार में हैरान करने वाली इंजीनियरिंग, खेत के बीच खड़ा है पुल”

“बिहार में हैरान करने वाली इंजीनियरिंग, खेत के बीच खड़ा है पुल”

किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले की टेउसा पंचायत में एक अजीबोगरीब पुल चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पुल किसी नदी या नाले पर नहीं, बल्कि सीधे खेत के बीचों-बीच बना दिया गया है, जिसे देखकर स्थानीय ग्रामीण हैरान हैं।

खेत के बीच बना पुल, नीचे लहलहाती फसल
यह पुल टेउसा पंचायत के धूमबट्टी और अधेसरा गांव को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क पर स्थित है। पुल के नीचे खेती की जमीन है, जहां किसान फसल उगाते हैं। यह पुल एक घुमावदार गांव की सड़क का हिस्सा जरूर है, लेकिन इसके नीचे न तो नदी है और न ही कोई नाला।

नदी पर पुल की थी जरूरत, खेत में बन गया पुल
ग्रामीणों के मुताबिक, हर साल बारिश और बाढ़ के दौरान रमजान नदी का पानी भारी तबाही मचाता है। नदी का पानी फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाता है, जिस कारण लंबे समय से रमजान नदी पर पुल बनाने की मांग की जा रही थी। इसी मांग को देखते हुए सरकार ने पुल निर्माण की स्वीकृति दी, लेकिन निर्माण में बड़ी चूक हो गई।

पुल से 100 मीटर दूर बहती है रमजान नदी
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने इस पुल को गलती से खेत में बना दिया गया, जबकि रमजान नदी पुल से करीब 100 मीटर की दूरी पर बहती है। पुल के दोनों ओर अप्रोच रोड तो बनाई गई, लेकिन इसका व्यावहारिक उपयोग नहीं हो पा रहा है।

टेउसा पंचायत के किसान इस्माइल ने कहा,
“पुल नदी में बनना चाहिए था, लेकिन खेत में बना दिया गया। अब इसका इस्तेमाल कपड़े सुखाने के लिए किया जा रहा है।”

जमीन मालिक ने उठाए सवाल
जमीन मालिक सोमदेव कुमार का कहना है कि यह पुल इंजीनियरिंग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उनके मुताबिक, पुल निर्माण में लाखों रुपये सरकारी धन बर्बाद हुए, जबकि असली जरूरत नदी पर पुल बनाने की थी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दी जा चुकी है।

जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
मामले पर किशनगंज के जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि यह इलाका निचली जमीन है और बारिश के समय खेतों में पानी भरता है, लेकिन फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की नदी पर पुल बनाने की मांग पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

5 साल पहले बना था पुल
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस पुल का निर्माण साल 2020-21 के बीच किया गया था। करीब 40 मीटर लंबे इस पुल पर लगभग 6 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च किए गए थे। पुल के दोनों ओर अप्रोच रोड भी बनाई गई है, लेकिन खेत के बीच खड़ा यह पुल अब सवालों के घेरे में है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *