रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वाल्दाई फोरम में नाटो देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस की किसी यूरोपीय देश पर हमला करने की योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूस पर आक्रमण होता है, तो देश की सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों सहित सभी उपलब्ध सैन्य संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
मॉस्को में वाल्दाई फोरम के दौरान पुतिन का बयान
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में आयोजित वाल्दाई फोरम के दौरान पश्चिमी सैन्य गठबंधन ‘नाटो’ को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रूस यूरोप के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है और किसी यूरोपीय देश पर हमला करने का उसका कोई इरादा नहीं है।
हालांकि, पुतिन ने साफ तौर पर कहा कि यदि रूस पर कोई हमला होता है, तो अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध हथियारों का उपयोग करने का सवाल तुरंत सामने आ जाएगा। इसमें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी शामिल है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस के पास कुछ ऐसे उन्नत हथियार मौजूद हैं, जो दुनिया के किसी अन्य देश के पास नहीं हैं।
कालिनिनग्राद क्षेत्र को लेकर बढ़ा तनाव
रूस और नाटो के बीच यह नया तनाव कालिनिनग्राद (Kaliningrad) क्षेत्र को लेकर गहराया है। कालिनिनग्राद रूस का सबसे पश्चिमी क्षेत्र है, जो नाटो सदस्य देशों पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है। इस क्षेत्र में रूस की बड़ी सैन्य उपस्थिति है।
रूस ने स्पष्ट किया है कि यदि कालिनिनग्राद को रूस के मुख्य भूभाग से काटने या अलग करने का कोई प्रयास किया गया, तो वह इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों का प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।
नाटो के साथ युद्ध की आशंका पर पुतिन का रुख
फोरम में जब पुतिन से पूछा गया कि क्या रूस और नाटो युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं या यह एक-दूसरे को डराने की रणनीति है, तो उन्होंने कहा कि रूस किसी को डरा नहीं रहा है बल्कि यह उन्हें डराने की कोशिशों का करारा जवाब है। पुतिन ने नाटो को दी गई अपनी पिछली चेतावनियों को भी पूरी तरह से सही ठहराया।
