केंद्र सरकार ने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के परामर्श से गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के प्रमुख घर्षण बिंदुओं सहित 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक आकृतियों को आधिकारिक भारतीय नक्शे पर औपचारिक रूप से दर्ज किया है। सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर इन स्थानों को पहचान दी गई है।
सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज हुए 28 स्थल
भारत सरकार ने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के साथ परामर्श के बाद लद्दाख के कुल 28 महत्वपूर्ण स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया (SoI) के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है। सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य सटीक पहचान की सुविधा प्रदान करना और इस संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र के प्रति सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना है।
आधिकारिक नक्शे में शामिल किए गए स्थलों में गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे प्रमुख रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं। ये स्थान भारतीय सेना की गश्त के लिहाज से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं और वर्ष 2020 में भारतीय एवं चीनी सेनाओं के बीच हुए सैन्य गतिरोध के दौरान प्रमुख घर्षण बिंदु (friction points) रहे थे। पूर्वी लद्दाख सीमा पर मई 2020 में पैंगोंग झील क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प के बाद गतिरोध शुरू हुआ था, जिसके बाद 2022 में दोनों पक्षों ने पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू की थी।
रणनीतिक चोटियां, दर्रे और ग्लेशियर शामिल
सरकार द्वारा जारी 28 आधिकारिक स्थलों की सूची में उच्च ऊंचाई वाली चोटियां, दर्रे, नदियां और ग्लेशियर शामिल हैं। सूची में स्थान पाने वाले प्रमुख स्थलों में अलीशा गिरि, ब्रांगसा, चापचिंगल दर्रा, कनिष्क पीक, करुण पीर पर्वत, कुक्सेल, मार्तंड गिरि, पारपिक ग्लेशियर, स्कैमरी ग्लेशियर, शचमिरिक दर्रा, शिकोरगा घाटी, जोरावर पीक, देहरा कंपास और द्रक कार्पो शामिल हैं।
इसके अलावा जोलमरी, कुमारायण पॉइंट, पैंगलुंग, रिन्चेन ज़ांगपो, शाक्यश्री गिरि, गुरु रिम्पोछे, शमल लुंगपा (जो 1950 के दशक में एक गश्ती और ठहराव मार्ग था), यांगपा नदी, मारपा लोत्सावा री, मिलारेपा कांगड़ी, शिव री और महेश्वरा री को भी इस आधिकारिक नक्शे पर चिन्हित किया गया है।
