भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार का सत्र हल्की बढ़त के साथ समाप्त किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने दिनभर के उतार-चढ़ाव के बावजूद हरे निशान में बंद होने में कामयाबी पाई। इस तेजी को दिसंबर तिमाही के नतीजों और इंडिया-यूरोपीयन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की उम्मीदों से बल मिला।
सेंसेक्स 487.20 अंक (0.60%) बढ़कर 82,344.68 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 81,815 से 82,504 के स्तर के बीच कारोबार करता रहा। निफ्टी ने भी सकारात्मक क्लोजिंग दी, जो 167.35 अंक (0.66%) बढ़कर 25,342.75 पर बंद हुआ।
सेक्टरल रैली
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने बाजार में तेजी को आगे बढ़ाया। निफ्टी CPSE इंडेक्स 5% चढ़ा, जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 3.4% और निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.3% की बढ़त के साथ बंद हुए। एक विश्लेषक ने बताया कि निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो निकट भविष्य में सतर्क रहने का संकेत देता है। तत्काल प्रतिरोध स्तर 25,400–25,450 के बीच देखा जा रहा है।
प्रमुख स्टॉक्स का प्रदर्शन
टॉप गेनर्स:
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL): 9% से अधिक की तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में टॉप गेनर
- ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC)
- कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India)
- हिंदाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco)
- बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)
टॉप लूजर्स:
- टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products): 4.5% की गिरावट, Q3 नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे
- एशियन पेंट्स (Asian Paints): 4.2% की गिरावट
समग्र विश्लेषण
इंडिया-EU FTA की उम्मीदों से घरेलू बाजार में सकारात्मक माहौल रहा, लेकिन कुछ बड़े स्टॉक्स पर तिमाही नतीजों के दबाव ने सतर्कता बनाए रखी। एक एक्सपर्ट के अनुसार, मेटल्स, फाइनेंशियल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर्स में मजबूती से बड़े इंडेक्स ने बेहतर परफॉर्म किया, जबकि FMCG सेक्टर में प्रॉफिट-बुकिंग देखने को मिली।
