कर्मों के अनुसार फल देने वाले और ब्रह्मांड के न्यायाधीश माने जाने वाले शनि देव जल्द ही अपना नक्षत्र परिवर्तन करने वाले हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 21 मार्च 2026, शनिवार को शाम 4:00 बजे शनि देव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तृतीय चरण में प्रवेश करेंगे। लखनऊ के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, शनि की चाल धीमी होने के कारण उनका यह गोचर दीर्घकालीन और गहरा प्रभाव डालने वाला होगा।
डॉ. मिश्र बताते हैं कि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। वैसे तो शनि का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है, लेकिन इस विशेष नक्षत्र परिवर्तन के दौरान मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
इन राशियों पर दिखेगा ज्यादा असर
मेष राशि (Aries): आत्मविश्वास और स्वास्थ्य पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव पहले भाव में मानसिक बेचैनी बढ़ा सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास में कमी, निर्णय लेने में दुविधा और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहें, खासकर नींद की कमी और मानसिक तनाव से बचाव जरूरी होगा।
कर्क राशि (Cancer): करियर में दबाव बढ़ेगा
कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से मतभेद या ऑफिस पॉलिटिक्स परेशान कर सकती है। जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ने से मानसिक थकान महसूस हो सकती है। इस समय धैर्य और संयम से काम लेना बेहद जरूरी रहेगा।
तुला राशि (Libra): रिश्तों और साझेदारी में सतर्कता जरूरी
तुला राशि के लिए शनि का सप्तम भाव में गोचर वैवाहिक जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप पर असर डाल सकता है। लेन-देन और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय सावधानी बरतें। जीवनसाथी से संवाद की कमी विवादों को बढ़ा सकती है, इसलिए शांत रहकर बातचीत करना बेहतर रहेगा।
मकर राशि (Capricorn): पारिवारिक तनाव की आशंका
मकर राशि के जातकों को पारिवारिक मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से माता या घर के बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है। पुराने पारिवारिक मतभेद दोबारा उभर सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा। संतुलन बनाए रखना इस समय बेहद जरूरी होगा।
शनि के प्रभाव को कम करने के उपाय
डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, शनि के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ, छाया दान और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ रहेगा। साथ ही, अच्छे कर्म और अनुशासित जीवनशैली से शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
