रांची यूनिवर्सिटी में देरी: 3 साल का कोर्स 7 साल में पूरा

रांची विश्वविद्यालय में सत्र देरी के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र संगठन

रांची में रांची विश्वविद्यालय के छात्रों ने सत्र और परीक्षा परिणाम में देरी को लेकर विरोध जताया है। AJSU और NSUI ने संयुक्त रूप से आंदोलन कर प्रशासन को 3–4 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर विश्वविद्यालय में तालाबंदी की जाएगी।

रांची विश्वविद्यालय सत्र देरी पर छात्रों का विरोध तेज

रांची में रांची विश्वविद्यालय में सत्र और परीक्षा परिणाम में लगातार हो रही देरी को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे पर आजसू (AJSU) और एनएसयूआई (NSUI) ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया।

छात्र संगठनों ने प्रशासन को 3 से 4 दिनों का अंतिम समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय में तालाबंदी की जाएगी।

3 साल का कोर्स 6–7 साल में पूरा होने का आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान आजसू नेता बबलू महतो ने कहा कि ग्रेजुएशन जैसे कोर्स, जो सामान्यतः 3 से 4 वर्षों में पूरे होते हैं, अब 6 से 7 साल का समय ले रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र 2 से 3 वर्ष पीछे चल रहा है, जिससे छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता

छात्र नेताओं ने कहा कि सत्र में देरी के कारण छात्रों का एक-एक साल बर्बाद हो रहा है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अलग-अलग विचारधारा रखने वाले AJSU और NSUI एकजुट हैं।

राजनीति से ऊपर उठकर आंदोलन की बात

छात्र संगठनों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल छात्रों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों के भविष्य के लिए किया जा रहा है।

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