नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिव्यांग (PwD) मेडिकल छात्रों से जुड़े अत्यधिक ड्यूटी घंटों के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें 24 से 72 घंटे तक लगातार ड्यूटी का आरोप लगाया गया है।
NHRC ने NMC और स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा नोटिस
नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिव्यांग (PwD) मेडिकल छात्रों के लिए कथित रूप से अमानवीय ड्यूटी घंटों के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।
यह कार्रवाई यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की शिकायत के बाद की गई है।
24 से 72 घंटे तक लगातार ड्यूटी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों, खासकर दिव्यांग छात्रों को 24 से 36 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ रही है, जो कई बार 72 घंटे तक भी बढ़ जाती है।
इसे 1992 की यूनिफॉर्म सेंट्रल रेजिडेंसी स्कीम का उल्लंघन बताया गया है, जिसमें कार्य घंटों और साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान है।
मानसिक और शारीरिक तनाव के गंभीर मामले
UDF ने दावा किया है कि अत्यधिक कार्यभार के कारण छात्रों में गंभीर मानसिक और शारीरिक तनाव देखने को मिल रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसके कारण आत्महत्या और कोर्स छोड़ने जैसे मामले सामने आए हैं, जिसे NMC की राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने 2024 में भी दर्ज किया था।
दिव्यांग छात्रों पर अधिक असर
शिकायत के अनुसार, दिव्यांग छात्रों को उचित सुविधाओं की कमी और कमजोर शिकायत निवारण प्रणाली के कारण अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसे दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का उल्लंघन बताया गया है।
NHRC ने मांगी 2 सप्ताह में रिपोर्ट
NHRC ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए NMC और स्वास्थ्य मंत्रालय से कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) दो सप्ताह के भीतर मांगी है।
UDF की मांग
UDF ने NHRC की कार्रवाई का स्वागत करते हुए मांग की है कि 1992 की रेजिडेंसी स्कीम को सख्ती से लागू किया जाए और PwD छात्रों के लिए साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य किया जाए।
