गुमला की 62 पंचायतें टीबी मुक्त, योगदान देने वालों का सम्मान
गुमला में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों, सहायकों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए गुमला के नगर भवन में टीबी मुक्त पंचायत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त दिलेश्वर महतो मौजूद रहे। उनके अलावा जिला पंचायती राज पदाधिकारी डॉ. सुशील कुमार सिंह, जिला टीबी पदाधिकारी डॉ. केके मिश्रा, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी-कर्मी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
अगले चार महीने में पूरे जिले को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
जिला टीबी पदाधिकारी डॉ. केके मिश्रा ने बताया कि गुमला जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त करने के लिए आगामी चार महीने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में अब तक सहयोग करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और जनप्रतिनिधियों से आगे भी सहयोग की अपेक्षा जताई।
उन्होंने बताया कि अभियान में जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ ही हिंडालको सहित कई सामाजिक संगठनों के माध्यम से टीबी से प्रभावित लोगों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें बीमारी से लड़ने में मदद मिली।
टीबी से होने वाली मौतों में आई कमी
डॉ. मिश्रा ने कहा कि जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत लगातार किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। टीबी से होने वाली मौतों की संख्या में भी काफी कमी आई है।
उन्होंने बताया कि उनकी टीम अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए लगातार काम कर रही है और अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।
डीसी ने टीम के प्रयासों की सराहना की
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि गुमला की प्राकृतिक भौगोलिक बनावट के कारण हर व्यक्ति तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद टीम ने पूरी ईमानदारी से काम करते हुए 62 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों किए गए प्रयासों को और तेज करने की आवश्यकता है। आगामी चार महीनों में पूरे जिले को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
टीबी के लक्षण दिखने पर जांच और उपचार की अपील
डीसी ने आम लोगों से अपील की कि टीबी के थोड़े भी लक्षण दिखाई देने पर इसे गंभीरता से लें और सही उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि बीमारी के उपचार के लिए दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से लोगों को सुविधा और सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभियान की सफलता के लिए आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
लगातार होगी अभियान की मॉनीटरिंग
उपायुक्त ने बताया कि टीबी मुक्त अभियान की समय-समय पर मॉनीटरिंग की जा रही है। इस दौरान सामने आने वाली कमियों के समाधान के लिए संबंधित टीम को लगाया जाता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि 62 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने वाली टीम आने वाले समय में पूरे गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने में सफलता हासिल करेगी।
